
पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मंगलवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक में अतिवृष्टि से किसानों की फसल का जायजा लेने खेतों तक पहुंचे। अरनिया तिवाड़ी, बालपुरा में किसानों को हुए नुकसान को देखा। यहां किसानों ने अपनी पीड़ा सुनाई। कांग्रेस में चल रही सियासी उठापटक के बीच पायलट ने फसलों के खराबे के लिए मुआवजा राशि के प्रावधानों के अनुरूप नुकसान की भरपाई की जरूरत बताई। साथ ही यह भी कहा कि देर से मुआवजा मिले इसमें कोई फायदा नहीं है। सोमवार को हाड़ौती दौरे के बाद पायलट ने जयपुर सड़क मार्ग से लौटते वक्त रात्रि विश्राम टोंक में किया।
पिछले दिनों हुई बरसात में खास तौर से पूर्वी राजस्थान में बारिश से खेतों में पकी फसल ही नहीं बल्कि खड़ी फसल भी नष्ट हो गई थी। पायलट ने भरोसा दिलाया कि अतिवृष्टि से किसानों की फसलों में हुए नुकसान का ज्यादा से ज्यादा मुआवजा व आर्थिक मदद दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि खराबे की फसल की गिरदावरी के आदेश दिए जा चुके हैं। सभी को उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संकट के समय कांग्रेस एवं सरकार आपके साथ है। पायलट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में खराब फसलों की तुरन्त गिरदावरी करके रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाए ताकि समय पर मदद मिल सके।
किसानों को हर संभव मदद का दिया आश्वासन
अतिवृष्टि से फसल खराबे के निरीक्षण के दौरान किसानों द्वारा खाद व डीएपी की कमी की शिकायत पर पायलट ने कहा कि मामले को लेकर आज ही उन्होंने कृषि मंत्रालय में बात कर जल्द ही किसानों के लिए खाद की व्यवस्था के लिए कहा है। इससे पहले पायलट ने सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल, पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी, एसडीओ टोंक गिरधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक राधेश्याम मीणा, कांग्रेस के पूर्व व मौजूदा जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
Published on:
12 Oct 2022 05:24 pm
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