पायलट के निशाने पर गहलोत, आंसू पोंछने के लिए तीये-तेहरवीं का नहीं करें इंतजार

बिना तीये-तेहरवीं के भी लोगों के घर जाकर उनके आंसू पोंछे, मां-बाप के आंसू पोंछने की जिम्मेदारी हम सबकी, सरकार की जिम्मेदारी है कि वो जनता के दुख बांटे

जयपुर। मकर संक्रांति के पर्व के मौके पर पतंगबाजी के बीच एक बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के निशाने पर रहे। पायलट ने इशारों-ही इशारों में सीएम गहलोत पर कई हमले किए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से कई बार महिलाओं के घूंघट से परहेज करने के बयान पर सचिन पायलट ने कहा कि हम लोग गलत परंपराओं को खत्म करने की बात कर रहे हैं, जहां हम कहते हैं कि घुंघट से परहेज करना चाहिए, हम एक अच्छी परंपरा की बात करते है , अगर किसी घर में नवजात की मौत होती है, और तीये या तेरहवें की परंपरा न हो, तो भी उसका दुख बांटने के लिए, उसके आंसू पोंछने के लिए अगर परंपरा नहीं है तो हमें परंपरा डालनी चाहिए।

पायलट ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी होती है कि अपने मतदाताओं का दुख बांटे, छोटे बच्चों की मौत पर तीये या तेरहवीं का कोई कार्यक्रम नहीं होता, लेकिन उनके मां-बाप के आंसू पोंछने की जिम्मेदारी हम सबकी है, अगर ऐसी कोई परम्परा है तो उसे भी तोड़ना चाहिए।


पायलट के इस बयान से साफ है कि सत्ता और संगठन के बीच खींचतान कम नहीं हुई है। वहीं पायलट ने केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर भी हमला बोला। पायलट ने कहा कि बीजेपी को धरातल पर पतंग उड़ानी चाहिए, हवा में पतंग उड़ाने का मतलब नहीं है। आज नौजवान तबका नाराज है, संवाद की कमी है, लेकिन केंद्र सरकार बहुमत के बल पर अपनी मनमर्जी थोपी ही है।

इससे पहले पायलट ने कार्यकर्ताओं और पीसीसी पदाधिकारियों के साथ छत पर पंतगबाजी की और जनता को मकर संक्रांति पर्व का शुभकामनाएं दी।

firoz shaifi Desk
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