
जयपुर. उत्तर - पश्चिम रेलवे ने छोटी सादड़ी-नीमच रेल परियोजना के लिए भूमि अवाप्ति से जुड़े मामले सुनने को लेकर विवाद में आए बांसवाड़ा के संभागीय आयुक्त नीरज के पवन को मध्यस्थ पद से हटा दिया, अब यह जिम्मेदारी चित्तौड़गढ़ कलक्टर को सौंपी गई है। अब चित्तौड़गढ़ कलक्टर ही चित्तौड़गढ के साथ प्रतापगढ़ के इस रेल परियोजना से जुड़े भू अवाप्ति विवादों पर मध्यस्थ के रूप में सुनवाई करेंगे। राजस्थान पत्रिका ने पिछले माह इस योजना से संबंधित विवादों के निस्तारण के संबंध में कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा की आपत्तियों को उजागर किया था। उन्होंने इस मामले में मुख्य सचिव सुधांश पंत को पत्र लिखा था।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में बांसवाड़ा संभागीय आयुक्त के रेल परियोजना के लिए भूमि अवाप्ति मामले में प्रतापगढ़ उपखंड अधिकारी के निर्णय को पलटने से विवाद खड़ा हो गया था। छोटी सादड़ी-नीमच रेल परियोजना के लिए अवाप्ति के 18 मामलों में कृषि भूमि मानते हुए प्रतापगढ़ के उपखण्ड अधिकारी ने 2 करोड़ 8 लाख 9 हजार 679 रुपए मुआवजा तय किया, जबकि मई 2024 में बांसवाड़ा संभागीय आयुक्त रहते नीरज के पवन ने भूमि को आवासीय बताते हुए मुआवजा 20 करोड़ रुपए बढ़ाकर 22 करोड़ 32 लाख 98 हजार 327 रुपए कर दिया। रेलवे का कहना है कि अवाप्ति प्रक्रिया शुरू होने तक भूमि कृषि किस्म की थी और उसके एक सप्ताह के भीतर इसका भू - रूपान्तरण करवाकर इसे आवासीय करवा लिया।
Published on:
02 Sept 2024 10:56 am
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