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Mystery : नासा ने खोला सदियों पुराना रहस्य, दो चंद्रमा की टक्कर से बने थे शनि के छल्ले

खुलासा : कैसिनी मिशन के डाटा की मदद से निष्कर्ष पर पहुंचे नासा के वैज्ञानिक

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Mystery :  नासा ने खोला सदियों पुराना रहस्य, दो चंद्रमा की टक्कर से बने थे शनि के छल्ले

दो चंद्रमा की टक्कर से बने थे शनि के छल्ले

वाशिंगटन. शनि ग्रह के चारों ओर घूमने वाले छल्ले सदियों से रहस्य बने हुए हैं। अब नासा ने ताजा शोध में खुलासा किया है कि शनि ग्रह के चक्कर लगाने वाले दो चंद्रमा के बीच टक्कर से इन छल्लों का निर्माण हुआ था। ये दोनों चंद्रमा बर्फ से ढंके हुए थे। शनि, बृहस्पति के बाद सबसे बड़ा ग्रह है। नासा ने ये शोध कंप्यूटर पर सिमुलेशन के बाद तैयार किया है। इसमें नासा के कैसिनी मिशन के डाटा का भी इस्तेमाल किया गया है। कैसिनी ने वर्ष 2004 से 2017 के बीच शनि का चक्कर लगाया था। नासा के इस प्रोब ने पाया कि जिस मैटेरियल से छल्ले बने हैं, उसमें बर्फ के कण मौजूद हैं। इन्हें धूल ने प्रदूषित नहीं किया।

गैलिलियो ने लगाया था पता
शनि ग्रह के इन छल्लों की खोज सबसे पहले 1610 में गैलिलियो ने की थी। कैसिनी के डाटा से पता चलता है कि इन छल्लों की उम्र ज्यादा नहीं है। ये कुछ लाख साल पहले ही बने होंगे। शोध में नासा के साथ ब्रिटेन की दरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक शामिल थे।

मलबा शनि को ओर चला गया
शोधकर्ताओं ने बताया कि दोनों चांद की टक्कर से काफी सारा मलबा शनि ग्रह की ओर चला गया, जिससे छल्लों का निर्माण हुआ। हालांकि ये छल्ले पूरी तरह बर्फ की बताए गए हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि शनि ग्रह के बर्फ से ढके चांद पर चट्टानें भी थीं।