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राजस्थान के सहकारी बैंक में घोटाला, 27 करोड़ हड़प गए अधिकारी

केन्द्रीय सहकारी बैंक भरतपुर में करीब 26 करोड़ रुपए के गबन की जांच के दौरान एक और घोटाला सामने आया है। यह घोटाला किसानों की कर्ज माफी के बदले सरकार की ओर से दी गई राशि में किया गया। कर्ज माफी के बदले दिए करीब 26.96 करोड़ रुपए बैंक अधिकारियों ने ऋण खातों में जमा कराने के बजाय बचत खातों में जमा कर हड़प लिए। इस खुलासे के बाद बैंक के चार अधिकारियों को निलम्बित किया जा चुका है। सोमवार को सहकारी विभाग ने राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001 की धारा 55 के तहत विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है।

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Central Cooperative Banks  में 440 पदों पर होगी भर्ती,मई में जारी होगी विज्ञप्ति

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केन्द्रीय सहकारी बैंक भरतपुर में करीब 26 करोड़ रुपए के गबन की जांच के दौरान एक और घोटाला सामने आया है। यह घोटाला किसानों की कर्ज माफी के बदले सरकार की ओर से दी गई राशि में किया गया। कर्ज माफी के बदले दिए करीब 26.96 करोड़ रुपए बैंक अधिकारियों ने ऋण खातों में जमा कराने के बजाय बचत खातों में जमा कर हड़प लिए। इस खुलासे के बाद बैंक के चार अधिकारियों को निलम्बित किया जा चुका है। सोमवार को सहकारी विभाग ने राजस्थान सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2001 की धारा 55 के तहत विस्तृत जांच कराने का निर्णय लिया है।

कामां, डीग व कलक्ट्रेट ब्रांच में हुआ घोटाला

यह घोटाला सीसीबी की कामां, डीग व कलक्ट्रेट ब्रांच में सामने आया है। इनमें सबसे अधिक करीब 22 करोड़ की गड़बड़ी कामां ब्रांच में हुई। करीब तीन-तीन करोड़ रुपए की गड़बड़ी डीग व कलक्ट्रेट ब्रांच में हुई। जांच में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। संयुक्त रजिस्ट्रार विभा खेतान को जांच सौंपी गई है। वे दो माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करेंगी।

दरअसल भरतपुर के सहकारी बैंक में गत वर्ष 300 से अधिक छद्म नामों से एफडी तैयार कर ब्याज की रकम हड़प ली गई थी। इस मामले की जांच अक्टूबर 2021 में शुरू की गई थी। जांच के लिए अपेक्स बैंक ने एक टीम भरतपुर भेजी थी। जांच शुरू होते ही आरोपी अधिकारियों ने गबन की पूरी रकम जमा करा दी। यह देख जांच अधिकारी चकित रह गए। रकम इसलिए जमा कराई गई थी कि जांच में और परतें नहीं खुलें।


62 लाख की एक एंट्री ने खोली पोल
जांच के दौरान सामने आया कि अधापुर सोसाइटी में एक ही एंट्री के साथ 62 लाख रुपए जमा कराए गए हैं। यह क्यों जमा कराए गए हैं। इसका जवाब न सोसाइटी के पास था न ही बैंक अधिकारियों के पास। सवाल-जवाब हुए तो भरतपुर सीसीबी (केन्द्रीय सहकारी बैंक) में एक और घोटाले का खुलासा हुआ। पहले भाजपा सरकार ने 2018 में पचास हजार रुपए तक और फिर 2019 कांग्रेस सरकार ने सभी अल्पकालीन फसली ऋण माफ किए थे। घोषणा के साथ किसानों के खातों से ऋण माफ कर दिया गया। यह राशि राज्य सरकार ने अपेक्स बैंक को उपलब्ध कराई। अपेक्स बैंक से राशि केन्द्रीय सहकारी बैंक और फिर शाखाओं को भेजी गई। भरतपुर सीसीबी की कुछ शाखाओं में अधिकारियों ने राशि ऋण खाते के बजाय बचत खाते में जमा कर ली। जबकि ऋण खातों में बकाया चल रहा है।

चार बैंक अधिकारी किए जा चुके हैं निलम्बित
इस मामले में कामां ब्रांच के तत्कालीन प्रभारी नवीन गौतम व दिलबाग सिंह, डीग शाखा प्रभारी पवन तिवाड़ी तथा कलक्ट्रेट ब्रांच प्रभारी राजेश सिंह निलंबित किए जा चुके हैं। राजेश सिंह पहले घोटाले में ही निलम्बित थे।

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