जयपुर। पेंटिंग के जरिए भी स्कूली शिक्षा में बदलाव लाया जा सकता है। देश भर की पारम्परिक कलाओं और संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सकता है इसे सार्थक किया रूफटॉप ने, जिनकी ओर से फड़ से पढ़ प्रोग्राम की शुरुआत राजधानी जयपुर के कई स्कूलों में की गई थी और स्कूल स्टूडेंट्स को फड़ पेंटिंग सिखाई गई और अब उन स्टूडेंट्स की ओर से बनाई गई पेंटिंग्स की प्रदर्शनी जवाहर कला केंद्र में लगाई गई है, खास बात यह है कि यहां इन पेंटिंग्स को डिजिटल मोड में भी देखा जा सकता है,बस एक क्यूआर कोड स्केन कर यह पेंटिंग्स मोबाइल या लैपटाप में देखी जा सकती हैं।
रूफटॉप वीडियो मैनेजर शंशाक ने बताया कि इन पेंटिंग्स में बच्चों ने अपने पाठ्यक्रम में से कई दिलचस्प विषयों पर फड़ चित्र भी बनाए हैं, जैसे सम्राट अशोक की कहानी, चिपको मूवमेंट, बुद्ध और उनकी शिक्षाएं और भारत में धन का विकास, भारत के गौरवशाली इतिहास,प्रिंसिपल्स आफ मैनेजमेंट, पंचायती राज, पानी बचाओ आंदोलन, एनर्जी सेविंग, सस्टेनेबल डवलपमेंट, जैसे विषयों पर स्कूल के बच्चों ने फड़ चित्र तैयार किए हैं। पारम्परिक लोक कला फड़ में चित्र को साथ लेकर भोपा और भोपी गाते बजाते हुए कथा वाचन किया करते थे। इसी से प्रेरणा लेकर बच्चों ने अपनी फड़ से सम्बंधित गीत भी तैयार किएहैं।