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पर्यावरण बचाने के लिए अकेले ही घर से निकल पड़ीं जयपुर की शगुफ्ता, ट्रेन, सड़क सब जगह कर रहीं लोगों को जागरूक

राजस्थान के जयपुर की शगुफ्ता खान पर्यावरण बचाने के लिए अकेले ही घर से निकल गई और ट्रेन से लेकर सड़क तक यात्रा करके पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक कर रही है।

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Shagufta Khan Environmental Protection Environmentalist Sonam Wangchuk She left home alone to save the environment

Jaipur News : ‘मैं जिस क्षेत्र में पली-बढ़ी हूं, वहां आसपास नॉइस पॉल्यूशन की समस्या रहती थी, लेकिन कभी कोई आवाज नहीं उठाता था। पर्यावरण को क्षति पहुंचाते हुए लोगों को देखा करती थी। तब से ही ठान लिया था कि मैं पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करूंगी।’ यह कहना है जयपुर की 24 वर्षीय शगुफ्ता खान का। वे 10 अप्रेल से सोलो ट्रैवेलिंग पर निकलीं और 42 दिनों तक कई राज्यों में घूमते हुए लद्दाख पहुंची।

लेह पहुंचने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता, पर्यावरणविद् सोनम वांग्चुक के साथ दो दिन एक रात नमक का पानी पीकर अनशन किया। खान ने बताया कि वह केवल 2 हजार रुपए लेकर घर से निकलीं। इस यात्रा में उनके कई दोस्तों ने उनकी काफी मदद की। हवाई यात्रा से लेकर रेलवे का सफर यादगार रहा। इस दौरान भी लोगों को पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक किया।

सोनम वांग्चुक से की चर्चा

शगुफ्ता ने बताया कि पर्यावरणविद् सोनम वांग्चुक से सस्टेनेबिलिटी, नॉइज पॉल्यूशन जैसे मुद्दों पर काफी चर्चा की, साथ ही अलग-अलग राज्यों में पर्यावरण संबंधी जो भी समस्याएं देखी वो भी उनसे साझा की। वांग्चुक ने उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने का संदेश दिया है, वे जितना पढ़ेगी, उतना पर्यावरण की तकलीफों को बेहतर तरीके से जान पाएगी।

शगुफ्ता ने बताया कि लेह की यात्रा से पहले वह भारत के कई क्षेत्रों में घूमना चाहती थी, ताकि वे वहां की समस्याएं आंखों से देख सकें और सोनम वांग्चुक से उसकी चर्चा कर सकें। जब वे इस सफर पर निकली, उसी दौरान ट्रेन में कई बार लोग बाहर कचरा फेंकते मिले, ट्रेन में गंदगी नजर आई। लोगों को जागरूक किया और पर्यावरण नुकसान के बारे में लोगों को बताया। वे कहती हैं कि पर्यावरण को लेकर लोग जागरूक नहीं है।

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