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समलैंगिक विवाह पर क्या बोल गए जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, आरक्षण मामले पर गिनाए 5 दोष

Shankaracharya Swami Nischalanand Saraswati : राष्ट्रीय उत्कर्ष अभियान यात्रा के तहत गोवर्धन मठ पूरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज गुरुवार को जयपुर पहुंचे। शंकराचार्य ने समलैंगिक विवाह मामले को लेकर कहा कि सनातन धर्म के अनुसार यह संभव नहीं है।

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समलैंगिक विवाह पर क्या बोल गए जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, आरक्षण में बता दिए 5 दोष

समलैंगिक विवाह पर क्या बोल गए जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, आरक्षण में बता दिए 5 दोष

जयपुर। राष्ट्रीय उत्कर्ष अभियान यात्रा के तहत गोवर्धन मठ पूरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज गुरुवार को जयपुर पहुंचे। मानसरोवर के श्रीराम गोपेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों ने पादुका पूजन किया। इस दौरान शंकराचार्य ने पत्रकार वार्ता में समलैंगिक विवाह मामले को लेकर कहा कि सनातन धर्म के अनुसार यह संभव नहीं है। यह दिशाहीनता है, हम स्वतंत्रता के पक्षधर है, पर यह पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव है, स्वतंत्रता नहीं। हम वसुधैव कुटम्बकम के सिद्धांत को मानते है। शंकराचार्य ने सवाल भी किया कि क्या पुरुष जज पुरुष से और महिला जज महिला से शादी कर सकते है।

आरक्षण मामले को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले सबका काम तय था। हर व्यक्ति का काम जन्म से सुनिश्चित होता था। महंगाई भी नहीं होती थी। तब आरक्षण की जरूरत नहीं पड़ती थी। उन्होंने आरक्षण में पांच दोष गिनाते हुए कहा कि आरक्षण से प्रतिभा की हानि, प्रगति की हानि, प्रतिशोध की भावना, परतंत्रता और प्रायोगिक नहीं... जैसे दोष गिनाए। उन्होंने कहा कि आरक्षण से प्रतिभा और प्रगति को नुकसान पहुंचेगा।

गौ तस्कर हत्या मामले पर बोले शंकराचार्य
राजस्थान के भरतपुर गौ तस्कर हत्या मामले को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि यह सब शासन तंत्र का फेलियर है। जहां शासन तंत्र के कानून व्यवस्था नियंत्रण में होती है, वहां पर ऐसे बवाल नहीं होते हैं। जिम्मेदार दायित्व का निवर्हन नहीं करते है, इससे बवाल मचता है। राजनेताओं के पास शब्दभेदी बाण होते हैं, जो इन बाणों का प्रयोग करके चुनाव में अपना काम बना लेते हैं और देश का स्तर गिरा देते हैं। ऐसे राजनेताओं से बचना चाहिए। बागेश्वर धाम महाराज को लेकर शंकराचार्य ने कहा कि मैं शंकराचार्य के पद पर हूं तो कथावाचक की समीक्षा करना मेरे लिए उचित नहीं। बिहार के शिक्षामंत्री द्वारा रामचरित मानस पर टिप्पणी करने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि शिक्षा मंत्री को पहले शिक्षा लेने की जरूरत है।

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पादुका पूजन
इससे पहले सुबह जगद्गुरु शंकराचार्य का रेलवे स्टेशन पर लोगों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वाहन रैली के रूप में उन्हें मानसरोवर स्थित परमहंस मार्ग लाया गया। यहां श्रीराम गोपेश्वर महादेव मंदिर महिलाओं ने दीपकों से आरती कर अगुवानी की। इस दौरान भक्तों ने पूजा—अर्चना की। इस मौके पर पादुका पूजन किया। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में शुक्रवार को पादूका पूजन, संगोष्‍ठी और गुरू दीक्षा का आयोजन किया जाएगा।