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बांकी माता मंदिर : 1350 फीट की ऊंचाई पर 750 सीढ़ियां चढ़कर श्रद्धालु लगाएंगे धोक

Shardiya Navratri 2023: जयपुर जिले से करीब 50 किमी दूर जमवारामगढ़ उपखंड क्षेत्र की आंधी पंचायत समिति के देवीतला गांव की अरावली की पहाड़ी पर विराजमान बांकी माता मंदिर में 9 दिन तक माता की उपासना होगी।

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जयपुर

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Nupur Sharma

Oct 15, 2023

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कोटपूतली/रायसर। Shardiya Navratri 2023: जयपुर जिले से करीब 50 किमी दूर जमवारामगढ़ उपखंड क्षेत्र की आंधी पंचायत समिति के देवीतला गांव की अरावली की पहाड़ी पर विराजमान बांकी माता मंदिर में 9 दिन तक माता की उपासना होगी। माता के दरबार में नवरात्रों में राजस्थान के अलावा दिल्ली, मुंबई, गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहेगा। बांकी माता मेला सेवा समिति के अध्यक्ष सीताराम मीणा, पूर्व अध्यक्ष बद्रीनारायण मीणा, प्रभात भगत सहित कई लोगों ने बताया कि करीब 1000 वर्ष पहले रायसर दरबार के समय भांगी मीणा नाम के व्यक्ति ने मंदिर का निर्माण करवाया था।

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माता का मंदिर करीब 1350 फीट ऊंची अरावली की पहाड़ी की चोटी पर विराजमान है। श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए सर्पिलाकार पक्का रास्ता बना हुआ है, जिसमें 750 सीढ़ियां है। माता के मार्ग में 370 सीढ़ियो पर केसर सिंह और 410 सीढ़ियों पर पृथ्वी सिंह भैरव का मंदिर विराजमान हैं। वहीं मुख्य मंदिर से पहले द्वार पर गणेश जी और लांगड़ा भैरव विराजमान है। बांकी माता के मंदिर में 24 घंटे देसी घी की ज्योति जलती रहती है और पुआ पूडी व चूरमा का भोग लगाया जाता है। माता के दरबार में प्रतिवर्ष नवरात्र और फाल्गुन शुक्ल अष्टमी को मुख्य लक्खी मेला भरता है। शारदीय नवरात्र में लगने वाले मेले को लेकर मेला कमेटी की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

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अष्टमी को रहेगी श्रद्धालुओं की अधिक भीड़
बांकी माता मंदिर में शनिवार अमावस्या को श्रीरामजी की वाटीका बस्सी से 23वीं पदयात्रा ध्वज के साथ पहुंची। पदयात्रियों ने ध्वजा चढ़कर प्रसाद ग्रहण की। मेला कमेटी के सदस्य ने बताया कि नवरात्र में माता के दरबार में आसपास के क्षेत्र सहित राजस्थान के कोने-कोने से पदयात्राएं पहुंचेगी। रविवार व अष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहेगी। इसको लेकर मेला कमेटी के सदस्यों ने पुलिस प्रशासन से रविवार व अष्टमी के दिन रायसर बाजार में वाहनों का प्रवेश बंद करने की मांग की है।