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सभापति के खिलाफ भाजपा कार्यालय में शक्ति प्रदर्शन

खेमे में बटी भाजपा, जिला प्रभारी मंत्री को पता ही नहीं

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Ashish Bajpai

Feb 21, 2016

विकास की आस में जनता ने भले ही कड़ी से कड़ी मिला दी, लेकिन अब नेता आपसी गुटबाजी में उलझकर विकास भूल बैठे हैं। दिग्गजों की तिकड़ी व घाटोल विधानसभा क्षेत्र के बाद अब बांसवाड़ा शहरी सरकार में भाजपा में दो गुट हो गए हैं। मुख्यमंत्री की यात्रा को नजरअंदाज कर उपसभापति भाजपा पार्षदों की बैठक कर शक्ति प्रदर्शन में लगे हुए हैं। ऐसे में शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय आपसी लड़ाई का अखाड़ा बना रहा। पार्टी की सभापति के विरोध में भाजपा कार्यालय में ही पार्षदों ने ताल ठोक दी।
पार्षदों का आरोप- सभापति बिना सलाह कर रही काम
उपसभापति महावीर बोहरा की अगुवाई में 16 पार्षदों ने भाजपा कार्यालय में शनिवार को बैठक आयोजित कर सभापति मंजूबाला पुरोहित के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बैठक में पार्षदों ने सभापति की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। पार्षदों का आरोप है कि बिना उनसे सलाह किए कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा जनसमस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बैठक में पार्षद अमर सिंह राठौड़, महेन्द्र कुमार शाह, अमित जोशी, फजीला कोटावाला, शब्बीर हुसैन, सोनिया वाधवानी, सुधा मौर्या समेत अन्य पार्षद मौजूद थे।
जिलाध्यक्ष का नाम भी उलझा
भाजपा नेताओं की गुटबाजी के चलते जिलाध्यक्ष का नाम भी तय नहीं हो पाया। राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया समेत कई आला नेताओं ने इसके लिए प्रयास किए लेकिन बात नहीं बनी।
भुगत रही जनता
नेताओं की खींचतान के चलते शहर का विकास अवरुद्ध पड़ा है। शहर में कुछ सड़कों व नालियों के निर्माण के अलावा कोई भी बड़ा काम गिनाने लायक नहीं है। कई पार्क बदहाल तो कई सड़कें क्षतिग्रस्त है। वहीं इसी माह मुख्यमंत्री का दौरा भी प्रस्तावित है।
उपसभापति से सीधी बात
सवाल - सभापति के विरोध में बैठक हुई?
बोहरा- गत करीब सवा साल के दौरान सभापति ने पार्षदों की सुनवाई नहीं की। शहर का विकास हुआ या नहीं, ये तो पूरा शहर जानता है। जनता की भी सुनवाई नहीं हुई। इसलिए बैठक की।
सवाल - शहर के विकास की जिम्मेदारी तो आपकी भी है?
बोहरा- मैं तो अधिकारविहीन उपसभापति हूं। सिर्फ नाम के लिए उपसभापति बना रखा है। सभापति को अधिकार सौंपने चाहिए थे। इतने समय बाद भी नगर परिषद में समितियों का गठन नहीं हो सका है।
सवाल - भाजपा कार्यालय में बैठक की इजाजत ली क्या?
बोहरा- यह हमारा घर है, घर में बैठकर चर्चा की है।
मैं तो अधिकार दे नहीं सकती
नगर परिषद सभापति मंजूबाला पुरोहित ने बताया कि उपसभापति को मैं तो अधिकार नहीं दे सकती। इस तरह की बैठकों से पार्टी की छवि खराब होती है। सभापति के पद पर पार्टी ने ही बिठाया था तो पार्टी ही हटा सकती है।
इतना कुछ हो गया, इन्हें खबर भी नहीं
प्रभारी मंत्री जीतमल खांट ने बताया कि रंगमंच के उद्घाटन के बाद क्या हुआ मुझे पता नहीं। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। भाजपा के नए जिलाध्यक्ष पर ऊपर से जो निर्देश मिलेंगे, उसको मानेंगे।
दोनों से करेंगे चर्चा
शहर विधायक धनसिंह रावत ने बताया कि बैठक का पता नहीं। ऐेसा है तो दोनों से चर्चा कर मामला सुलझाएंगे।