जयपुर

83 साल पहले जगाई श्रीकृष्ण के बालस्वरूप की भक्ति ज्योत, आज दीपावली जैसी रोशनी

Shri Prembhaya Sarkar : श्रीकृष्ण के बालस्वरूप को ढूंढाड़ी भाषा में श्री प्रेमभाया सरकार नाम देकर भक्ति की जो अलख जगाई, वह आज भी 83 साल बाद जीवंत है।

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Mar 17, 2023
83 साल पहले जगाई श्रीकृष्ण के बालस्वरूप की भक्ति ज्योत, आज दीपावली जैसी रोशनी

जयपुर। श्रीकृष्ण के बालस्वरूप को ढूंढाड़ी भाषा में श्री प्रेमभाया सरकार नाम देकर भक्ति की जो अलख जगाई, वह आज भी 83 साल बाद जीवंत है। यह अलख श्रीप्रेमभाया महोत्सव के तहत 18 मार्च को नगर कीर्तन के रूप में साकार होगी, जिसमें भक्त रातभर शहर के बाजारों और गलियों में नगर कीर्तन करते हुए निकलेंगे। 83 साल पहले पं. युगल किशोर शास्त्री ने जिस ढूंढाड़ी भाषा और विरासत को दोहों और पदों में सहेजने का कार्य किया, उन्हें दोहराया जाएगा।

श्री प्रेमभाया मंडल समिति योगेश भटनागर ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य उपासक पं युगल किशोर शास्त्री ने अपने आराध्य को ढूंढाड़ी भाषा में श्री प्रेमभाया सरकार नाम देकर 1940 में बाल स्वरूप को चित्तमय उतारकर जनचेतना प्रज्जवलित की। वह जनचेतना 83 साल बाद भी संपूर्ण समाज को आलौकिक कर रही है। तब शीतला अष्टमी पर भक्ति संगीत समारोह का आयोजन शुरू हुआ, जो आज भी परंपरागत रूप से चल रहा है। आज भी इस आयोजन की प्रतीक्षा जयपुर ही नहीं, बल्कि देशभर के लोगों को रहती है।

भक्ति संगीत समारोह शुरू
प्रेमभाया महोत्सव के तहत 83वां चार दिवसीय भक्ति संगीत समारोह शुरू हो चुका है। महोत्सव के तहत भजन—संकीर्तन का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में महिला मंडल की ओर से भक्ति संगीत किया जा रहा है। वहीं शाम को भजन संध्या हो रही है। समिति के मंत्री योगेश भटनागर ने बताया कि आज रात्रि 8 बजे से संपूर्ण रात्रि भक्ति संगीत का कार्यक्रम होगा। विभिन्न भजन गायक भक्त युगल जी द्वारा रचित ढूंढ़ाड़ी व हिंदी भाषा के भजनों से प्रस्तुति देंगे, जिनमें मुख्य गायक पं. जगदीश शर्मा , बेबी आकांशा राव, बून्दु खां, भानु कुमार , गोपाल सिंह, पूजा राठौर, वृंदावन से सुरेन्द्र मंडल, उमा लहरी , परवीन मिर्जा सन्नी चक्रधारी, गोपाल सेन, कुमार गिर्राज, हीना सेन, कश्मीर बारामुला से राकेश शर्मा, कामां से विजय भैया सहित अन्य गायक व वादक प्रभु को रिझायगे। दिन में महिला मडलों की ओर से भजन गाए जाएंगे।

18 को निकलेगा नगर कीर्तन
नगर संकीर्तन 18 मार्च को निकलेगा। नगर संकीर्तन शाम 7 बजे युगल कुटीर से रवाना होगा, जो परकोटे के बाजारों और गलियों से निकलेगा। जयलाल मुंशी का रास्ता, गोपीनाथजी का मंदिर, बाहर भाइयों का चौराहा, नाहरगढ़ रोड, चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार, गोपालजी का रास्ता, बोरडी का रास्ता, अजायबघर का रास्ता, खूंटेटों का रास्ता होते हुए नगर कीर्तन 19 मार्च को सुबह वापस युगल कुटीर पहुंचेगा। नगर कीर्तन में भक्त पैदल संकीर्तन करते हुए निकलेंगे।

Published on:
17 Mar 2023 01:52 pm
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