
मज़हब की सरहदों से परे प्यार की ख़ूबसूरत दास्तां है 'शुभ निकाह'
जयपुर। 'मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना...' ये पंक्ति गुनगुनाते तो सब हैं, मगर लोग मज़हबी चश्मे से जब मोहब्बत को देखने लगते हैं तो लोगों के सिर पर ख़ून सवार हो जाता है। ऐसे में क्रूर समाज दो प्यार करने वालों के ख़ून का प्यासा हो जाता है। यही फिल्म 'शुभ निकाह' (Movie Shubh Nikah) की कहानी का सार है।
लेखक-निर्देशक अरशद सिद्दीकी की लिखी कहानी को अपने निर्देशन से इस क़दर बनाया है कि आपकी नज़र मुन्ना और ज़ोया की प्रेम कहानी से नहीं हटेगी। फ़िल्म में हिंदू और मुस्लिम समाज से ताल्लुक रखनेवाले लड़के और लड़की की प्रेम कहानी के साथ देशभक्ति और सामाजिक, मज़हबी एकता व आपसी भाईचारे की सीख भी दिखाई देती है।
'शुभ निकाह' की कहानी से लेकर फ़िल्म के निर्देशन तक फ़िल्म का हरेक पहलू रोचक और रोमांचक है। फ़िल्म के प्रमुख कलाकार अक्षा पार्दसानी, रोहित विक्रम, अर्श संधू और गोविंद नामदेव ने बेहतरीन अदाकारी की है। फिल्म के निर्माता भूपेंदर सिंह संधू, अर्पित गर्ग हैं। ब्रांडेक्स एंटरटेनमेंट और अर्श संधू प्रोडक्शन्स की पेशकश यह फ़िल्म सीधे दर्शकों के दिलों में उतरी जाएगी। फिल्म को 4 स्टार रेटिंग दी गई है।
Published on:
16 Mar 2023 11:27 pm

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