
sikar dr parul fraud case in mbbs false sog degree or seal followup
जयपुर
मेडिकल डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 66 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाला सीकर का डॉ. पारूल वास्तविक 'मुन्नाभाई एमबीबीएसÓ निकला। जांच में सामने आया कि एमबीबीएस की डिग्री, जो एसएमएस मेडिकल कॉलेज से लेना बता रहा था, वह दरअसल थी ही नहीं। उसने डॉक्टर का फर्जी कार्ड बनवा रखा था।
इतना ही नहीं, मेडिकल विभाग के अफसरों के दस्तखत और लैटरहैड वाले कागजात तक फर्जी निकले। जबकि इस शातिर ने शासन उपसचिव के फर्जी हस्ताक्षर कर डॉक्टरों के तबादले भी कर डाले। एसओजी एएसपी करन शर्मा ने बताया कि नौकरी दिलवाने और टेंडर दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले डॉ. पारूल से पुलिस रिमांड पर पूछताछ की जा रही है।
पूछताछ में सामने आया कि उसके पास एमबीबीएस की डिग्री नहीं है और डॉक्टर का फर्जी कार्ड बना रखा है। उसने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक प्रशासन के फर्जी हस्ताक्षर कर डॉक्टरों के वेतन निर्धारण संबंधी फर्जी पत्र जारी किया था। पूछताछ में और भी चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डॉ. पारूल ने शासन उपसचिव संजय कुमार के फर्जी हस्ताक्षर कर तबादला लिस्ट भी जारी कर दी।
विभाग के शासन सचिव के फर्जी दस्तखत कर डॉ. बनवारी लाल सैनी की भरतपुर जोन में धौलपुर में नियुक्ति, डॉ. रणवीर जैदिया का उदयपुर जोन में प्रतापगढ़, डॉ. राजेश सोनी का जयपुर जोन में सीकर, डॉ. राजकुमार शर्मा का जोधपुर जोन में बाड़मेर और डॉ. बनवारीलाल सैनी का जयपुर जोन में झुंझुनूं के लिए नियुक्ति पत्र जारी कर दिया।
पूछताछ में सामने आया कि डॉ. पारूल ने श्रीराम एंटरप्राइजेज के नाम से फर्जी टेंडर जारी किए। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक फर्जी हस्ताक्षर भगवती कुमारी शर्मा पत्नी रमेश को एलडीसी पद पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया। आरोपी के बताए ठिकानों पर एसओजी को स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदों के साथ, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, एनएचएम, एमडी एनआरएचएम, डायरेक्टर एमसीआई, सीएमएचओ सीकर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक से संबंधित कई मुहरें भी बरामद की गई और कई लोगों से जालसाजी करने के मामले सामने आए हैं।
Published on:
26 Jul 2019 12:09 am
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