
हम चार बहनें हैं और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। चार बेटियों का जिक्र होने पर हमारे माता-पिता के लिए लोग अफसोस करते थे, उन्हें दिलासा देते थे। एेसी बातों पर मुझे बहुत गुस्सा आता था। आज हम चारों बहनों ने अपने दम पर पहचान बनाकर सफलता अर्जित की है। अब हमारी सराहना की जाती है और एक रोल मॉडल की तरह हम बहनों का उदाहरण दिया जाता है। बेटी होने पर अफसोस नहीं, बल्कि जिस तरह पहले बेटों के जन्म पर थाली बजाई जाती थी, उसी तरह बेटियों के जन्म पर बजनी चाहिए। बॉलीवुड गायिका नीति मोहन ने यह बात राजस्थान पत्रिका से कही। नीति एक निजी समारोह में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को यहां पहंची। नीति ने बताया कि वे मूलत: दिल्ली से हैं। उनकी व बहनों की शिक्षा पिलानी (राजस्थान) के स्कूल से हुई थी। एक जुड़ाव राजस्थान से हमेशा से रहा है। यहां आने पर बचपन की याद ताजा हो जाती हैं। उनके माता-पिता ने उन्हें इच्छानुसार अनुसार कॅरियर चुनने की आजादी दी। वे उन्हें इस तरह आगे बढऩे का हौसला नहीं देते, तो वे इस मुकाम पर नहीं होतीं। नीति ने बताया कि परिवार में कोई संगीत से जुड़ा हुआ नहीं रहा है। वे इकलौती लड़की हैं, जिसने संगीत को प्रोफेशन बनाया। उन्होंने हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद चैनल वी के सिंगिंग कॉम्पिटिशन को जीता, फिर फिल्मों के ऑफर्स मिलने लगे। पहला गाना स्टूडेंट ऑफ द ईयर में 'इश्क वाला लव...' गाया जिसे बहुत प्रसिद्धि मिली। इसके बाद कई फिल्मों में गाया। हाल ही 'प्रेम रतन धन पायोÓ व 'हेट स्टोरी-3Ó में गाए गाने पसंद किए जा रहे हैं। वे हर तरह के गानों को गाने के लिए खुद को खुला रखती हैं, लेकिन मेलोडी उन्हें बहुत पसंद है। संगीतकार एआर रहमान संग काम करना यादगार है।
