जयपुर। केन्द्र सरकार ने स्मार्ट सिटी मिशन के कामों को जांचना शुरू कर दिया है। स्मार्ट सिटी मिशन के डायरेक्टर कुणाल कुमार सोमवार को जयपुर आए और स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रहे कामों का जायजा लिया। उन्होंने सांसद रामचरण बोहरा के साथ शहर का दौरा किया और मिशन के तहत हुए कामों का निरीक्षण किया। हालांकि स्मार्ट सिटी के तहत हो रहे कार्यों की धीमी गति को लेकर नाराजगी जताई, वहीं एरिया मैनेजमेंट प्लान की कमी बताया। उन्होंने कहां कि जब तक यहां एक्सपर्ट और संबंधित एजेंसियां साथ नहीं बैठेंगे, तब तक कोई भी प्रोजेक्ट बेहतर नहीं बनेगा।
सांसद रामचरण बोहरा के साथ स्मार्ट सिटी मिशन के डायरेक्टर कुणाल कुमार ने जयपुर में पिछले 7 साल से स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स की ग्राउण्ड स्थिति देखी। दोनों ने सबसे पहले गणगौरी अस्पताल विस्तार के तहत चल रहे काम का जायजा किया। काम की धीमी गति पर नाराजगी जताई, वहीं स्मार्ट सिटी के अफसरों को काम में गति लाने की बात कही। वहीं प्रॉपर एरिया मैनेजमेंट प्लान की कमी बताते हुए कुणाल कुमार ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य था कि शहरों की व्यवस्था बेहतर हो, उन्हें चलाने के सिस्टम में सुधार हो। गणगौरी अस्पताल एक्सटेंशन के निरीक्षण के बाद उन्होंने चौगान स्टेडियम और यहां बनी पार्किंग प्रोजेक्ट का जायजा लिया। इसके बाद तालकटोरे की पाल पर पहुंचे।
यह जताई जरूरत
र्ट सिटी मिशन के डायरेक्टर कुणाल ने कहा कि जयपुर जैसी जगह में अच्छे एक्सपर्ट्स की जरूरत है। यहां ट्रैफिक प्लान, एरिया मैनेजमेंट प्लान बने तो लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। पार्किंग की व्यवस्था, आवागमन, साफ सफाई बेहतर करने के लिए नियोजन की आवश्यकता है। यहां मार्केट, हॉस्पिटल, स्पोर्ट्स सभी एक ही एरिया में विकसित हो रहा है, तो ऐसे में एरिया मैनेजमेंट प्लान बनाना पड़ता है, जिसे ट्रैफिक एक्सपर्ट्स, ट्रैफिक प्लानर, ट्रैफिक पुलिस, स्मार्ट सिटी, म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, जिला कलेक्टर सभी को मिलकर बनाना होगा। जब तक ये मिलकर साथ नहीं बैठेंगे, तब तक ये प्लान अच्छा नहीं बनेगा।
आपसी समन्वय की कमी
सांसद रामचरण बोहरा ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के काम धीमी गति से चल रहा है, जनप्रतिनिधियों के आपसी समन्वय और बैठकों के अभाव में समस्याएं आ रही है। उन्होंने कहा कि 3 साल पहले जो निर्देश दिए गए थे, ना तो उन्हें फॉलो किया गया और हाल ही में जो दौरा किया, उसे फॉलो किया जा रहा। इस दौरान पूर्व विधायक सुरेंद्र पारीक सहित स्मार्ट सिटी के अधिकारी साथ रहे। गत 6 जनवरी को भी सांसद ने स्मार्ट बाजार का दौरा किया था, तब बाजार में कचरा-गंदगी व अव्यवस्थाएं देख 15 दिन बाद फिर से देखने की बात कही थी।