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एसएमएस में स्वाइन फ्लू के मरीजों का होगा कैटेग्राइजेशन

जनवरी में स्वाइन फ्लू से सात की मौत के बाद चिकित्सा महकमा हरकत में आ गया।एसएमएस अस्पताल ने भी स्वाइन फ्लू मरीजों का इलाज के लिए नई कवायद शुरू कर दी।

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जयपुर

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Vijay Sharma

Jan 08, 2018

SMS HOSPITAL

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सोमवार को अस्पताल प्रशासन ने आपात बैठक बुलाई। जिसमें अस्पताल में स्वाइन फ्लू के इलाज की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। कॉलेज प्राचार्य यूएस अग्रवाल ने अतिरिक्त प्राचार्य डा एस एम शर्मा, अस्पताल अधीक्षक डीएस मीणा समेत अन्य अस्पतालों के अधीक्षकों से स्वाइन फ्लू की तैयारियों को लेकर चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि अस्पताल में अब मरीजों का इलाज कैटेग्राइजेशन के जरिए किया जाएगा। यानी संदिग्ध, स्थिर व गंभीर मरीजों की पहचान कर उनका उपचार किया जाएगा, साथ ही उन्हें अलग-अलग वार्ड में रखा जाएगा। वहीं स्वाइन फ्लू के बढ़ते असर को देखते हुए अस्पताल में तीन आईसीयू रिवर्ज किए हैं। इसी के साथ अब अस्पताल में २४ घंटे आउटडोर शुरू किया गया है। ७२ नंबर लैब के पास पहले से ही आउटडोर चल रहा है। तीन बजे बाद इमरजेेंसी के पास स्थित आउटडोर को शुरू किया गया है। जहां २४ घंटे मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे। रिपेार्ट को ८-९ घंटे में दिया जाएगा।

गंभीर मरीजों की पहचान कर उनका उपचार

अस्पताल में अब मरीजों का इलाज कैटेग्राइजेशन के जरिए किया जाएगा। यानी संदिग्ध, स्थिर व गंभीर मरीजों की पहचान कर उनका उपचार किया जाएगा, साथ ही उन्हें अलग-अलग वार्ड में रखा जाएगा। वहीं स्वाइन फ्लू के बढ़ते असर को देखते हुए अस्पताल में तीन आईसीयू रिवर्ज किए हैं। इसी के साथ अब अस्पताल में २४ घंटे आउटडोर शुरू किया गया है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से पूर्ण आईसीयू

एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में घायल मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से पूर्ण आईसीयू बनाने की तैयारी हो रही है। परिवहन विभाग की ओर से 7 करोड़ रुपए लागत से बनने वाले इस आईसीयू में मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। 18 बैड के इस प्रस्तवित आईसीयू में डबल एयर शावर और हीमा फिल्टर जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, जिसके जरिए संक्रमण न तो बाहर से अंदर जाएगा, न अंदर से बाहर आ पाएगा। चिकित्सक अपने मोबाइल के जरिए ही आईसीयू की मॉनिटरिंग कर सकेंगे।