मुरलीपुरा क्षेत्र में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के पुजारी गिर्राज शर्मा की देर रात एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। अपनी मौत से पहले उन्होनें पुलिस को पर्चा बयान दिया था और इसी पर्चा बयान आधार पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शंकर विहार विस्तार मुरलीपुरा निवासी दिनेश चंद धारीयाल, मूलचंद मान, रामकिशन शर्मा, सांवरमल अग्रवाल को गुरुवार को अरेस्ट कर लिया था और पांचवे आरोपी शंकर विहार विस्तार निवासी मालीराम स्वामी को आज सुबह गिरफ्तार कर लिया।
यह भी पढ़े:जन्माष्टमी से एक दिन पहले पुजारी ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर लगाई आग
सरकारी नौकरी और पच्चीस लाख रुपए की मांग
उधर इस घटना के बाद अब विप्र फाउण्डेशन राज. जोन प्रथम की ओर से पीडित परिवार के लिए सरकार से आश्रित परिवार को सरकारी नौकरी और पच्चीस लाख रुपए मुआवजे की मांग की है। इसके साथ ही मृतक गिर्राज प्रसाद शर्मा के आश्रित परिवार को जीवन यापन के लिए दो डेयरी बूथ आंवटित किए जाने और आश्रित पिरवार को श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर की सेवा और सुरक्षा में नियमित पूजा में बाधा उत्पन्न ना हो इसके लिए सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। उधर पुलिस ने किसी भी तरह के धरने और प्रदर्शन से बचने के लिए मंदिर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बंदोबस्त किया है। पुजारी की मौत के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
यह भी पढ़ेः शिक्षिका को जलाने वाले बदमाश अभी भी पकड़ से बाहर
यह था मामला
शंकर विहार में लक्ष्मी नारायण तत्कालेश्वर महादेव मंदिर में गिर्राज शर्मा पूजा-पाठ का काम करते हैं। सुबह मंदिर के पुजारी गिर्राज शर्मा ने खुद को आग लगा ली। यह देख आसपास के लोगों ने पुजारी गिर्राज शर्मा को एसएमएस अस्पताल में बर्न वार्ड में भर्ती कराया। पुलिस ने बताया कि पुजारी गिर्राज शर्मा मंदिर में वर्ष 2002 से पूजा का काम देख रहे हैं। मंदिर में पूजा की बात को लेकर गिर्राज शर्मा का मंदिर समिति से विवाद चल रहा है। समिति के सदस्य उन्हें हटाना चाहते थे। इस बात को लेकर वह कई दिनों से परेशान चल रहे थे। आज सुबह उन्होंने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। पुलिस ने गंभीर झुलसी हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया था जहां देर रात को उनकी मौत हो गई।