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राजस्थान में अपात्रों ने उठाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन- अब वसूली के साथ दर्ज होगी एफआईआर

सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सचिव की समीक्षा बैठक

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जयपुर.
प्रदेश में सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लगभग 94 लाख लोगों को पेंशन दे रहा है। लेकिन कई जिलों में आधार डेटा में गड़बड़ी कर अपात्रों ने भी पेंशन उठा ली। शुक्रवार को सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग के सचिव डॉ. समित शर्मा ने विभागीय योजनाओं की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पात्र नहीं होते हुए भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन ली है उनसे वसूली की जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
सभी लंबित पेंशन प्रकरणों की 31 जनवरी तक पोस्ट ऑडिट की जाए। डॉ. शर्मा समीक्षा बैठक में कार्यालय में देरी से आने वाले कार्मिकों का रिकार्ड लेकर बैठे। उन्होंने लेटलतीफ कार्मिकों को फटकार लगाई और चार्जशीट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई कार्मिक समय पर कार्यालय नहीं आ सकता तो यह कृत्य भी राजकार्य में बाधा के समान ही है। कार्मिक अगर समय पर कार्यालया नहीं आ सकते तो उनको घर पर ही रहना चाहिए।
उन्होंने पेंशन योजनाओं में स्वीकृत पेंशनर का भौतिक सत्यापन शीघ्र कराने के निर्देश दिए। डॉ. शर्मा ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना की भी समीक्षा की। दिसंबर-2022 में विभागीय कामकाज के हिसाब से जालोर जिला ग्रेडिंग में प्रथम स्थान पर रहा। राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा योजना में भी लगातार घोटाले हो रहे हैं। करौली जिले में तो अपात्रों ने आधार डेटा में सेंध लगा कर युवाओं को 80 वर्ष से ज्यादा की उम्र बता कर पेंशन उठा ली। अब कई जिलों में इस पूरे मामले की जांच चल रही है। कई जगह तो विभाग के अफसरों की मिलीभगत से ही अपात्रों ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को उठा लिया।