
गिरफ्तार फर्जी डॉक्टर (फोटो: पत्रिका)
SOG Action On 3 Fake Doctor Arrested: विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेकर लौटने के बाद फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (एफएमजी) स्क्रीनिंग परीक्षा में फेल होने के बावजूद फर्जी तरीके से राजस्थान में पंजीयन कराने वाले गिरोह पर एसओजी ने शिकंजा कसा है। मामले में तीन और फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है।
एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि मामले में 100 से अधिक संदिग्ध चिह्नित किए जा चुके हैं। पूर्व में राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) के रजिस्ट्रार सहित 30 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसओजी ने बीते तीन दिन में डीग निवासी आशीष कुमार शर्मा, जयपुर में मुरलीपुरा की परमहंस कॉलोनी निवासी राजेंद्र कुमार यादव और कोटपूतली-बहरोड़ निवासी नरेश रोलानिया को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी प्रमाण पत्र के लिए 25 से 30 लाख रुपए तक खर्च करते थे।
आशीष शर्मा: कजाकिस्तान से 2021 में एमबीबीएस करने के बाद तीन बार स्क्रीनिंग परीक्षा में फेल हुआ। 25 लाख रुपए में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज करौली से इंटर्नशिप पूरी की।
राजेंद्र यादव: चीन से 2012 में एमबीबीएस करने के बाद आठ बार स्क्रीनिंग परीक्षा में विफल रहा। 29 लाख रुपए में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आरएमसी में पंजीयन के लिए आवेदन किया। वर्तमान में अपनी डॉक्टर पत्नी के निजी अस्पताल में प्रबंधन संभाल रहा था।
नरेश रोलानिया: कजाकिस्तान से 2021 में एमबीबीएस करने के बाद स्क्रीनिंग परीक्षा में तीन बार फेल हुआ। 26 लाख रुपए में फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर उदयपुर मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप की। बिना पंजीयन के ही कोटपूतली के निजी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का इलाज कर रहा था।
मामले में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर पंजीयन कराने वाले 25 विदेशी मेडिकल स्नातकों, आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हुसैन और मुख्य आरोपी भानाराम माली सहित बिचौलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपए लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराता था।
Updated on:
14 Aug 2026 07:23 am
Published on:
14 Aug 2026 07:15 am
