
सीएम भजनलाल शर्मा (पत्रिका फाइल फोटो)
जयपुर। राजस्थान मंत्रिमंडल ने दो महत्वपूर्ण विधेयकों के अलावा ग्रामीण विकास, कर्मचारी कल्याण, शहीद परिवारों, उद्योग, अक्षय ऊर्जा और जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट ने ग्रामीण जलापूर्ति के लिए नई संचालन एवं संधारण नीति, 1971 के युद्ध के शहीदों के परिजन को अनुकंपा नियुक्ति, कर्मचारियों को पदोन्नति में राहत, दिव्यांग कार्मिकों को नोशनल लाभ, नई भर्तियों का मार्ग प्रशस्त करने और औद्योगिक व अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल की नियमित, स्वच्छ और टिकाऊ आपूर्ति करने के लिए संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत ग्राम पंचायत, क्लस्टर समिति, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर संस्थागत ढांचा बनाया जाएगा। ग्राम पंचायत और ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति स्थानीय स्तर पर संचालन व रखरखाव करेंगी, जबकि 5-6 ग्राम पंचायतों पर क्लस्टर समिति तकनीकी मार्गदर्शन देगी।
राजस्थान कैबिनेट ने 1971 के भारत-पाक युद्ध (ऑपरेशन कैक्टस लिली) में घायल होकर बाद में वीरगति को प्राप्त हुए 35 सैनिकों के परिजन को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार देने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी। इसके लिए पात्रता अवधि 31 दिसंबर 1971 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 1972 कर दी गई है।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि 2026-27 में पदोन्नति के लिए कर्मचारियों को अनुभव में दो वर्ष की सशर्त छूट दी जाएगी। दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में 4% आरक्षण का नोशनल लाभ 30 जून 2016 से मिलेगा। पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र बनाया गया है। प्रशिक्षण के दौरान नौकरी छोड़ने पर वेतन-भत्तों की वसूली समाप्त कर केवल प्रशिक्षण व्यय लेने का प्रावधान किया गया है। एकल महिला कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव छह चरणों में तथा सरोगेसी से मातृत्व प्राप्त करने पर अवकाश संबंधी नए प्रावधानों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने टीएडी विभाग के छात्रावासों में वार्डन भर्ती के लिए सेवा नियमों में संशोधन कर 470 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ किया। वन अधीनस्थ सेवा नियम-2015 और महिला एवं बाल विकास विभाग के सेवा नियमों में संशोधन कर पदोन्नति के अवसर बढ़ाए गए। जैसलमेर के चिन्नू गांव में एस्केप जलाशय निर्माण से प्रभावित 21 गैर-खातेदार काश्तकारों के पुनर्वास के लिए उसी गांव में भूमि आवंटन का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। जैसलमेर में अल्ट्राटेक सीमेंट को 306 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने तथा बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में चार अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई।
Updated on:
14 Aug 2026 07:11 am
Published on:
14 Aug 2026 07:10 am
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