उधर राजू राम की बुजुर्ग मां रो रोकर बेहाल है। उनका कहना है कि बेटे के जाने का गम मनाएं या पोते के आने की खुशी.....। पूरे गांव में मातम का माहौल है।
जयपुर
बेटे की चाह थी परिवार और पिता को, तीन बेटियों के बाद बेटा जन्मा भी लेकिन उसे दुलार करने के लिए अब पिता नहीं थे। बेटे के जन्म से कुछ घंटे पहले ही पिता ने दुनिया छोड़ दी। हैरान करने वाली यह घटना जोधपुर जिले की है। जोधपुर में हुए एक सड़क हादसे में कार चालक की मौत के बाद अब उसके घर में बेटा पैदा हुआ है। परिवार समझ नहीं पा रहा कि बेटे के आने की खुशी मनाएं या फिर पिता के चले जाने का गम।
दरअसल जोधपुर जिले में शनिवार शाम बड़ा सड़क हादसा हुआ। एक ट्रक ने सामने से आ रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। कार में चार पुलिसकर्मी सवार थे और कार चालक कार चला रहा था। निजी कार में सवार होकर पुलिसकर्मी एक केस की जांच पड़ताल करने के लिए जा रहे थे। इस दौरान यह हादसा हुआ। हादसे में सिपाही तेजाराम और मोहन लाल की मौत हो गई। साथ ही कार चालक राजू राम देवासी की भी जान चली गई। दो अन्य पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सभी पुलिसकर्मी केस के सिलसिले में नागौर जा रहे थे। उधर इस घटना के बाद रविवार को राजूराम को उसकी ग्यारह साल की बेटी ने मुखाग्नि दी है। राजू राम के कुछ देर बार ही पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घंटों बाद ही मां ने बेटे को जन्म दिया। राजू राम के परिवार ने पुलिस को बताया कि परिवार में ग्यारह साल, सात साल और डेढ़ साल की तीन बेटियां हैं। राजू राम को बेटे का इतजार था। ईश्वर ने उन्हें बेटा दिया भी लेकिन खुद अपने पास बुला लिया। उधर राजू राम की बुजुर्ग मां रो रोकर बेहाल है। उनका कहना है कि बेटे के जाने का गम मनाएं या पोते के आने की खुशी.....। पूरे गांव में मातम का माहौल है।