
अश्विनी भदौरिया / जयपुर। सौम्या गुर्जर निलंबन के मामले में राज्य सरकार को तब बड़ा झटका लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश पर स्टे दे दिया। सात महीने बाद ग्रेटर निगम महापौर की कुर्सी पर एक बार फिर सौम्या गुर्जर बैठेंगी। हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि सौम्या महापौर की कुर्सी कब संभालेंगी।
भाजपा इसे सरकार के खिलाफ पहली जीत मानकर चल रही है। फैसला आने के बाद सौम्या के घर पर पार्षदों से लेकर अन्य भाजपाइयों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। सौम्या ने मंदिरों में जाकर धोक लगाई।
उधर, कोर्ट स्टे के बाद सरकार फिर सक्रिय हो गई। अब सौम्या के खिलाफ चल रही न्यायिक जांच पर फोकस कर दिया है। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे बढ़ेगी। स्वायत्त शासन विभाग के अफसरों का दावा है कि न्यायिक जांच साठ दिन में पूरी नहीं हुई, मुख्य रूप से इसी कारण कोर्ट ने स्टे दिया है। हालांकि, अफसर कोर्ट आदेश का पूरा अध्ययन करने की बात कहते रहे।
विवाद बढ़ेगा, टकराव की स्थिति बनी रहेगी
-सौम्या गुर्जर वापसी से आयुक्त-महापौर में विवाद होना तय है। क्योंकि आयुक्त की भूमिका की वजह से ही सौम्या का निलंबन हुआ था।
-पार्षद भी आयुक्त की कार्यशैली से नाराज हैं। अभी तक कार्यवाहक महापौर शील धाभाई इन पार्षदों पर ध्यान नहीं दे रही थीं। लेकिन सौम्या के आने के बाद ये पार्षद लामबंद होंगे और आयुक्त के खिलाफ नाराजगी बढ़ेगी।
-बीवीजी कंपनी के भविष्य का फैसला भी होगा। क्योंकि महापौर रहते हुए सौम्या गुर्जर ने ही बीवीजी को बाहर करने की बात कही थी। उस समय अधिकारियों ने कोर्ट का रास्ता दिखवाया था।
दो पक्षों में बंट चुके हैं पार्षद
-सात माह से कार्यवाहक महापौर का कामकाज शील धाभाई देख रही हैं। वे भाजपा की पार्षद हैं और सरकार ने उन्हें महापौर बनाया। उनके साथ कई पार्षद हैं। साथ ही सौम्या गुट के कई पार्षद उनके निलबंन के बाद महापौर के कमरे में नहीं गए।
सीट संभालने के लिए अनुमति की बंदिश नहीं
सौम्या गुर्जर को महापौर पद की जिम्मेदारी संभालने के लिए सरकार की अनुमति की बंदिश नहीं है। नगरपालिका अधिनियम की धारा 50 के तहत पदभार संभालने के बाद उसकी सूचना सरकार को भेजी जा सकती है। हालांकि, विभाग ने निलंबन किया था, इसलिए औपचारिकता के लिए सूचना देना आवश्यक होगा।
सौम्या ने किए मदनमोहनजी के दर्शन
सौम्या गुर्जर मंगलवार शाम करौली पहुंची और मदनमोहनजी की धोक लगाई। सौम्या की आराध्य देव मदनमोहनजी के प्रति शुरू से गहरी आस्था रही है। मंदिर में अनेक लोगों ने उनको बधाई-शुभकामनाएं दी। जबकि सौम्या ने इस दौरान प्रसादी का वितरण किया। करौली में भी जगह-जगह लोगों ने उनका स्वागत-अभिनन्दन भी किया।
Published on:
01 Feb 2022 10:56 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
