
जयपुर। राजस्थान पुलिस और प्रशासन की लापरवाही की वजह से इस प्रदेश में एक और आनंदपाल बनने जा रहा है। वो सरेआम पुलिस को चुनौती दे रहा है, फेसबुक पर लगातार अपनी दादागिरी की पोस्ट अपडेट कर रहा है, लेकिन पुलिस के हाथ खाली ही नजर आ रहे हैं और न ही वो उसके फेसबुक पर लगाम लगा पा रही है। फौरी तौर पर कहा जाए तो राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के विनोद बेनीवाल हत्याकांड के आरोपित दीपक कुमार मलिक की तलाश में पुलिस संभावित ठिकानाें पर दबिश की कार्रवार्इ कर रही है।
सदर थाना प्रभारी कुलदीप वालिया ने बताया कि हत्या के आराेपित दीपक मलिक की तलाश की जा रही है। उसकी तलाश के लिए दाे टीमें भेजी गर्इ हैं। उधर, जेल अधीक्षक राजपाल सिंह ने बताया कि हत्या के आराेप में अरेस्ट की गर्इ इंदू की चिकित्सालय में जांच की गर्इ। जांच में पता चला है कि वह गर्भवती है। कर्इ दिन गुजरने के बाद भी दीपक कुमार मलिक पुलिस की पकड़ से बाहर है। वह लगातार फेसबुक पर पुलिस काे धमकी दे रहा है, लेकिन राजस्थान पुलिस कुछ नहीं कर पा रही।
शेर दी शेरनी है डर के नहीं रहना....
हरियाणा के भिवानी जिले के चरखी दादरी तहसील के गांव नौरंगबास निवासी दीपक ने 12 घंटे पहले फेसबुक पाेस्ट में लिखा, इंदू डर के नहीं रहना। शेर दी शेरनी है, डर के नहीं रहना। इस गंगानगर पुलिस की मैं एेसी की तैसी कर दूंगा। इनकाे नहीं पता मैं क्या चीज हूं। कल मैं दूसरे देश में जा रहा हूं। इनकाे मैंने बहुत सुराग दिए पर इनके बस का कुछ नहीं है। अगली पाेस्ट में दीपक ने लिखा, इन्होंने जाे भी तेरे साथ गलत किया...मां कसम मैं एक-एक चीज का बदला लूंगा। एक अन्य पाेस्ट में उसने लिखा मर्डर मैंने अकेले ने किया। फिर इन्हाेंने तुझे गलत फंसाया। मेरे पास हर चीज का सबूत है। मैं इन लाेगाें के खिलाफ एेसी कार्रवार्इ करूंगा कि ये लाेग पैसाें के लिए किसी काे गलत नहीं फंसाएंगे। एेसे ही उसने एक आैर पाेस्ट किया है।
प्रेमिका को जिसने छूने की कोशिश की उसे मार डाला
इससे पहले उसने फेसबुक पर लिखा था कि मेरी प्रेमिका को जिसने छूने की कोशिश की, उसे (विनोद बेनीवाल को) मार डाला। अब पुलिस मेरी प्रेमिका से ठीक बर्ताव नहीं कर रही, जिसका अंजाम भी बुरा होगा। इस तिहरे प्रेमप्रसंग के चलते हरियाणा निवासी दीपक मलिक नाम के युवक ने अपनी प्रेमिका इंदुबाला के पहले प्रेमी विनोद बेनीवाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद लग्जरी कार से उसकी लाश को बुरी तरह कुचलकर भाग निकला था। वारदात के बाद श्रीगंगानगर की सदर थाना पुलिस ने आरोपी प्रेमिका इंदुबाला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
दूसरे प्रेमी के साथ रचा हत्या का षडयंत्र
पुलिस उप-अधीक्षक शहर तुलसीदास पुरोहित ने सदर थाने में प्रेस वार्ता में इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए बताया कि 31 जुलाई की रात को एेलनाबाद निवासी विनोद बेनीवाल को उसकी प्रेमिका इंदुबाला और इंदुबाला के दूसरे प्रेमी दीपक मलिक ने पूरी वारदात को अंजाम दिया था। इंदुबाला जब नर्सिग कोर्स कर रही थी तब राजकीय जिला चिकित्सालय में लैब टैक्नीशियन विनोद बेनीवाल के साथ दोस्ती हो गई और यह बात रिश्ते पर जा पहुंची। इंदुबाला के परिजनों ने जब विनोद के घर पर जाकर हालात देखे तो उसकी गरीबी को देखते हुए रिश्ता करने से इनकार कर दिया। इस बीच इंदुबाला देहरादून में नर्सिग कोर्स करने चली गई। वहां उसकी मुलाकात हरियाणा के चरखी दादरी निवासी दीपक मलिक से हो गई और दोनों में प्यार पनप गया।
दोस्ती का नाटक कर रास्ते से हटाया
इधर, विनोद ने इंदुबाला के पास फोन पर वार्ता करने का सिलसिला जारी रखा। यह बात दीपक को पता चली तो इंदुबाला से नाराज हुआ लेकिन फिर आपस में सुलह हो गई। इस प्रेमी कहानी में रास्ता का कांटा बनते जा रहे विनोद को हटाने के लिए दीपक ने विनोद से दोस्ती की और उसे सूरतगढ़ रोड पर स्थित होमलैण्ड सिटी के किराए के मकान में बुलाया। वहां इंदुबाला भी मौजूद थी। विनोद ने जमकर शराब पी तो दीपक ने उसके सिर पर बोतलें मारी और उसे अपनी कार में बिठाकर नेतेवाला बाइपास सुनसान इलाके में ले गए। वहां विनोद को कार से उतारा और उसके सिर पर गोली मार दी। इंदुबाला ने इस हत्या का राज छुपाने के लिए खुद ड्राइविंग कर कार से तीन चार बार चक्कर लगाकर विनोद का सिर कुचल डाला। पुलिस ने आरोपित इंदुबाला को गिरफ्तार कर लिया जबकि आरोपित दीपक भूमिगत हो गया है।
पुलिस के लिए सिरदर्द था अानदंपाल
राजस्थान पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात गैंगस्टर अानदंपाल सिहं भी पुलिस के लिए सिरदर्द था। वह अपराध करने से पहले अपराध का पूरा विवरण फेसबुक पर डालकर पुलिस काे चुनाैती देता था। आनंदपाल की माैत के बाद भी उसके एनकाउंटर की सीबीआर्इ जांच काे लेकर आंदाेलन चलाया गया, जिसके बाद राजस्थान सरकार ने झुकते हुए जांच के आदेश दिए। आनंदपाल की प्रेमिका का नाम था अनुराधा। अनुराधा ने आनंदपाल को ना केवल एक गांव के छोरे से इंग्लिश बोलनेवाला तेज तर्रार नौजवान बना दिया, बल्कि जुर्म की दुनिया की बारीकियां भी सिखाईं। आनंदपाल सिंह काे 24 जून की रात मारा गया। राज्य एसओजी और स्थानीय पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में पांच लाख का इनामी गैंगस्टर आनंदपाल डेढ़ वर्ष से फरार चल रहा था।
Updated on:
13 Aug 2017 07:18 am
Published on:
12 Aug 2017 12:46 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
