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प्रदेश के एसएमएस अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों को ओपीडी रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। अब तक अस्पताल कर्मचारियों को रजिस्ट्रेशन के लिए अलग से स्टाफ काउंटर बने हुए थे। अगर कोई कर्मचारी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराता है तो उसे आम मरीज़ो की कतार में लगकर ही पर्ची मिल सकेगी साथ ही उसे शुल्क भी देना पड़ेगा।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को बढावा
यह कदम ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। मरीज़ो की लंबी लंबी कतारों को देखते हुए
अस्पताल में चार साल पहले ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई थी। प्रशासन को उम्मीद थी की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने से आडटडोर में मरीजों को कम समय पर पर्ची मिल सकेगी और वह समय पर चिकित्सक से परामर्श ले सकेगें। लेकिन जागरूकता के आभाव में यह संभव नहीं हो सका। आम लोगों को अस्पताल की इस सुविधा की पूरी तरह जानकारी भी हासिल नहीं हो पाई।
पंद्रह अगस्त को हटा दिए जाऐंगे स्टाफ काउंटर
ऑनलाइन प्रक्रिया के प्रति जागरूकता की शुरुआत अस्पताल प्रशासन अपने कर्मचारियों से करने जा रहा है। इसी क्रम में पंद्रह अगस्त के बाद से यह स्टाफ काउंटर हटा दिए जाऐंगे। कर्मचारियों को फ्री की सुविधा का फायदा लेने के लिए 15 अगस्त के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ही कराना होगा।
जयपुरिया अस्पताल में ऑनलाइन प्रक्रिया ही नहीं है
जयपुरिया अस्पताल में बीते कई दिनों से सर्वर डाउन की समस्या बनी हुई है। जिसके कारण मरीज़ो को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल का सर्वर आरयूएचएस में लगा हुआ है जहां उसके रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं है साथ ही जयपुरिया अस्पताल में जो स्टाफ है वो भी अप्रशिक्षित है। आऐ दिन होने वाली इस सर्वर की समस्या के चलते ओपीडी के समय मरीज़ो को लम्बी-लम्बी लाइनों में लगकर पर्ची कटाने का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन को कई बार शिकायत देने के बाद भी अब तक इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया है।
Published on:
07 Aug 2018 08:09 pm
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