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मौजूदा वित्त आयोग ने भी मानीं भाजपा शासन की सिफारिशें

पंचायतों को 7366 करोड़ व शहरी निकायों को 2442 करोड़ की सिफारिशछठवें राज्य वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट विधानसभा में पेश

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जयपुर। पंचायती राज संस्थाओं व शहरी निकायों को आर्थिक संसाधन देने के लिए गठित छठवें वित्त आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में भाजपा शासन के आयोग की सिफारिशों के आधार पंर ही राशि जारी करने को कहा है। वित्त आयोग ने पंचायतों को 7366 करोड़ और शहरी निकायों को 2442 करोड़ रुपए जारी करने की सिफारिश की है और कोविड़—19 रोकथाम व जागरूकता के लिए भी राशि का प्रावधान किया है।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व मंत्री प्रद्युम्न सिंह की अध्यक्षता में गठित छठवें राज्य वित्त आयोग की वर्ष 2020—21 व 2021—22 की अंतरिम रिपोर्ट सोमवार को विधानसभा में पेश की गई। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने यह रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड—19 के प्रति जागरूकता व 90 प्रतिशत टीकाकरण, स्वच्छता, स्वच्छ जल व सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए पंचायती राज संस्थाओं व शहरी निकायों को 2 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें नवाचार को भी महत्व दिया जाएगा। भाजपा शासन के आयोग की तर्ज पर आबादी और प्रति व्यक्ति आय को आवंटन का आधार बनाया गया है।
75 प्रतिशत राशि गांवों के लिए
राज्य वित्त आयोग ने वर्ष 2020—21 व 2021—22 के लिए की गई सिफारिश के तहत 75.1 प्रतिशत राशि पंचायती राज संस्थाओं को देने के लिए कहा है। कोविड—19 रोकथाम के लिए पंचायती राज संस्थाओं को 40 प्रतिशत और शहरी निकायों को 20 प्रतिशत राशि आवंटित करने की सिफारिश की है।