उन्होंने कहा कि सरकार ने राजस्थान माइन्स एंड मिनरल्स कॉर्पोरेशन को सात कंपनियों में विभाजित करने का प्रयास किया था जबकि ये शुद्ध रुप से मुनाफे में हैं। पीसीसी चीफ ने राज्य सरकार पर जयपुर, अजमेर, बीकानेर और कोटा शहर की विद्युत व्यवस्था को भी निजी हाथों में देने का आरोप लगाया।