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महर्षि मात्रंग नवल स्वामी के 241 वें जन्मोत्सव पर आयोजित हुआ प्रदेशस्तरीय वाल्मीकि महासंगम

शिक्षा के विषय पर युवा पीढ़ी में जागृति लाने का किया आहवान

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जयपुर

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Shipra Gupta

Feb 18, 2024

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जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाने का काम हुआ। अब वहां पर सभी नौकरियों में समाज को समान अवसर मिलेंगे। 70 साल में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। जो लोग भ्रम फैलाते हैं उनसे सावधान रहने की जरूरत है। यह संबोधन रविवार को बिड़ला सभागार में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने महर्षि मात्रंग नवल स्वामी के 241 वें जन्मोत्सव के मौके पर आयोजित प्रदेशस्तरीय वाल्मीकि महासंगम में मुख्य अतिथि के तौर पर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम ने की। समाज के राष्ट्रीय संत बालयोगी एवं सिद्ध क्षेत्र वाल्मीकि धाम उज्जैन के प्रमुख
उमेशनाथ ने आर्शीवचन दिए। प्रदेशभर से पहुंचे समाजजनों का काफिला शिवदासपुरा टोल से रोड शो के रूप में बिड़ला सभागार पहुंचा। यहां प्रदेश के भवाई नृत्य, पंजाब के आर्मी बैंड की खास प्रस्तुति खास रही।


आज गाय नहीं, बकरी—भैंस पालने का शौक है- संत उमेशनाथ
संत उमेशनाथ ने समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ऋषियों का राष्ट्र है। हमारी सोच ऊंची होनी चाहिए। उन्होंने वाल्मीकि समाज को जागने की अपील की। संत ने कहा कि आज गाय नहीं, बकरी—भैंस पालने का शौक है। यह गलत है। गोमाता में करोड़ों देवी देवताओं का वास है। गोमाता राष्ट्रीय पशु घोषित हो। संत उमेशनाथ ने कहा कि महंगा मोबाइल नहीं, बच्चे को पढ़ाने पर पैसा खर्च करे। मंच से उन्होंने बच्चों की ज्यादा से ज्यादा शिक्षा का संकल्प दिलवाया। संत ने राज्यसभा जाने पर कहा कि उनका साधुता से मन नहीं भरा लेकिन वहां जाकर भी सनातन के लिए ही काम करना है।

नगरपालिका के अलावा दूसरी नौकरी भी देखें- निम्बाराम
वाल्मीकि महासंगम में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने समाज की शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र में समाज रहता है। आज समाज नगरपालिका नौकरी से ऊपर क्यों नहीं जा रहे हैं। शिक्षा के विषय पर युवा पीढ़ी में जागृति लाने की जरूरत है। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं है। वासुदेव देवनानी ने भी इस विषय पर जोर देते हुए कहा कि युवा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा के क्षेत्र में भी नौकरियों में आगे आएं। संयोजक विकास नरवार ने बताया कि महासंगम में जयपुर सहित कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड, सवाईमाधोपुर, गंगापुर, करौली, हिंडौन, देवली, उनियारा, टोंक, मालपुरा, शाहपुरा, फागी से बड़ी संख्या में लोग आए। संत का जगह—जगह भव्य स्वागत हुआ।

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