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प्रदेश के डेंगू के केस 10 हजार के आंकड़े को छूने को तैयार, मौसमी बीमारियों से 40 की मौत,अब फिर औपचारिकताएं करने के लिए जागा स्वास्थ्य विभाग

मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए हमारा स्वास्थ्य हमारी जिम्मेदारी अभियान का दूसरा चरण 14 नवम्बर से

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State's dengue cases ready to touch 10,000 mark

State's dengue cases ready to touch 10,000 mark

प्रदेश में कोरोना के बाद अब डेंगू सहित अन्य मौसमी बीमारियों ने आमजन की बीमारी से और आर्थिक स्थिति से कमर तोड़ दी हैं। राजस्थान में इस साल डेंगू के मामले 10 हजार का आंकड़ा छूने को है और अब चिकित्सा विभाग को एक बार फिर मौसमी बीमारियों को रोकने के लिए प्रयास करने की याद आ गई है।

अब एक बार फिर सिर्फ कागजों में पहले की तरह की औपचारिकताएं पूरी की जाएगी।

बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग की ओर से प्रदेशभर में हमारा स्वास्थ्य हमारी जिम्मेदारी अभियान का दूसरा शुरू किया जाएगा। यह अभियान 14 से 28 नवम्बर तक चलेगा।

इसके तहत डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया,स्वाइन फ्लू सहित अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियां की जाएगी।

हालांकि दूसरे चरण में जो भी गतिविधियां होगी वह सब चिकित्सा विभाग को पहले चरण में ही करनी थी। लेकिन पहले चरण चिकित्सा विभाग अन्य विभागों के भरोेसे बैठा रहा और डेंगू के मच्छर ने प्रदेश में 6 लोगों की जान ले ली।

यहीं नहीं स्क्रब टायफस ने 22 और स्वाइन फ्लू ने 11 लोगों की मौत हुई। अगर स्वास्थ्य विभाग पहले चरण में हमारा स्वास्थ्य हमारी जिम्मेदारी अभियान में जिम्मेदारी से काम करता तो प्रदेश में हजारों की संख्या में लोग बीमार नहीं होते।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से 26 सितम्बर से 21 अक्टूबर तक हमारा स्वास्थ्य-हमारी जिम्मेदारी अभियान चलाया गया था। इस दौरान अभियान में एंटीलार्वा, सर्वे, सैम्पलिंग और अन्य जागरुकता गतिविधियों का आयोजन करने का विभाग ने दावा किया है। लेकिन प्रदेश में मौसमी विभाग से पीड़ित हुए लोगों के सरकारी आंकड़ों पर भी गौर किया जाए तो विभाग के सभी काम सिर्फ कागजों में या फिर औपचारिकता तक ही सीमित रहे।

पहले चरण में नियमित सर्वे, सोर्स रिडक्शन, एंटीलार्वा डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया व अन्य मौसमी बीमारियों को रोकने का विभाग ने दावा किया था, लेकिन स्वासथ्य विभाग इन्हें रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा।

चिकनगुनिया-170 00

अब दूसरे चरण के अभियान के तहत विभाग की ओर से आशा व एएनएम द्वारा घर घर जाकर सर्वे किया जाएगा और एनएचसी व पीएचएन की टीम द्वारा सुपरविजन किया जाएगा। साथ ही आशा व एएनएम द्वारा प्रचार प्रसार सामग्री के माध्यम से लोगों मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी।फिर जो पहले चरण में विभाग ने औपचारिकताएं की थी वह अब फिर से की जाएगी और कागजों में रेकॉर्ड मेंटेंन किया जाएगा।