
राज्य की बौद्धिक सम्पदा अधिकार नीति से युवाओं को नए अवसर उपल्बध होंगे: मुख्य सचिव
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा कि राजस्थान में उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक इजाफा हुआ है, जिससे राज्य के युवाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च अध्ययन एवं शोध के अवसर भी उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नवाचारों को बढावा देने के लिए राज्य की बौद्धिक संपदा अधिकार नीति बनाई जा रही है,जिससे उच्च शिक्षण संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा मिलेगा एवं युवा वर्ग को नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
आर्य गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी के जन्मतिथि के उपलक्ष में राष्ट्रीय एकता दिवस पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से राज्य के युवाओं के लिए आयोजित स्टेम वेबिनार श्रृंखला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का राष्ट्र के विकास में अमूल्य एवं अविस्मरणीय योगदान रहा है। गांधी की पहचान लौह महिला के रूप में भारत के इतिहास में दर्ज है एवं इंदिरा गाँधी राष्ट्र की युवा पीढ़ी की प्रेरणा स्त्रोत हैं।
इस अवसर पर शासन सचिव,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, कैलाश चन्द वर्मा ने बताया कि तीन दिवसीय वेबिनार सीरीज के द्वारा राज्य के युवाओं को भारत के लब्ध प्रतिष्ठित संस्थानों में स्कॉलरशिप, इंटर्नशिप रोजगार के अवसर एवं शोध के नवीन आयामों के बारे में विस्तृत एवं तकनीकी जानकारी विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा भी विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों को प्रति वर्ष रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से अवसर प्रदान किया जाता है। वेबिनार श्रृंखला में 19 से 21 नवम्बर तक परमाणु ऊर्जा विभाग, बायोटेक्नोलॉजी विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के 18 विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा युवाओं की जिज्ञासा का हल किया जाएगा।
Published on:
19 Nov 2020 07:44 pm
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