
विजय शर्मा / जयपुर। तीन साल पहले दो अगस्त को महात्मा गांधी अस्पताल में राज्य का पहला हृदय प्रत्यारोपण किया गया। पहला ट्रांसप्लांट कराने वाले सूरजभान भले ही 35 साल के हो गए हैं, लेकिन वे खुद को तीन साल का ही मानते है। तीन साल पहले राजू नाम के व्यक्ति का उन्हें हार्ट ट्रांसप्लांट किया गया था।
हनुमानगढ निवासी सूरजभान का कहना है कि इससे मुझे न केवल नया जीवनदान मिला है, बल्कि अब लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित भी करता हूं। क्यों कि एक अंगदान के जरिए कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। तीन साल वर्षगांठ के उपलक्ष्य में महात्मा गांधी अस्पताल की ओर से केक कटिंग सैरेमनी रखी गई। इस दौरान सूरजभान ने अपनी जिंदगी जुडे अनुभव साझा किए। इस मौके पर अस्पताल चेयरमैन डॉ एमएल स्वर्णकार ने बताया कि अस्पताल में 13 ब्रेन डेड रोगियों के जरिए 44 अंगदान हुए है।