
सीएम आवास घेराव के लिए समर्थन जुटाने में लगे छात्र नेता
कॉलेज कॉलेज जाकर रख रहे अपने मुद्दे
छात्र संघ चुनाव करवाए जाने की है मांग
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव करवाए जाने के साथ ही छात्रा शिक्षा को निशुल्क किए जाने की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्र नेता अब राजधानी के कॉलेजों में जाकर अपने लिए समर्थन जुटाने में लग गए हैं। दरअसल छात्र नेता लोकेंद्र सिंह रायथुलिया के नेतृत्व में छात्रों ने आगामी 24 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है और इसी के तहत अब जनसम्पर्क के जरिए छात्रों से समर्थन मांगा जा रहा है। सोमवार को इसी प्रक्रिया के तहत छात्र राजस्थान कॉलेज पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर उनका समर्थन मांगा। गौरतलब है कि पिछले 28 दिनों से लोकेन्द्र सिंह रायथलिया के नेतृत्व में छात्र संघ चुनाव और छात्रा शिक्षा निशुल्क करने को लेकर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है।
नाट्य में असंख्य ज्ञान सागर समाहित : डॉ. बीडी कल्ला
पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्यशास्त्र कार्यशाला प्रारंभ
राजस्थान संस्कृत अकादमी, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी और कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से हो रहा आयोजन
जयपुर।
संसार की कोई ऐसी कला,ज्ञान,शिल्प,विद्या,योग कर्म नहीं है,जो नाट्य शास्त्र का अंग न बन सके। नाट्य में असंख्य ज्ञान सागर समाहित हैं। नाट्य पंचम वेद है। नाट्य में तो तीनों लोकों के भावों का प्रस्तुतिकरण होता है। कहीं धर्म, कहीं क्रीड़ा,कहीं अर्थ,कहीं श्रम,कहीं हास्य, कहीं युद्ध कहीं काम तथा कहीं वध है। यह कहना है कला और संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला का जो सोमवार को राजस्थान संस्कृत अकादमी, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी और कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से जोधपुर में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्यशास्त्र कार्यशाला के उद्घाटन पर बोल रहे थे। हाईब्रिड मोड पर हो रही इस कार्यशाला कर रहे संस्कृत एवं नाट्य मनीषी प्रोफेसर राधावल्लभ त्रिपाठी ने कहा
नाट्यशास्त्र पर केंद्रित पांच दिन की कार्यशाला प्रदेश में अपने ढंग का पहला आयोजन है। नाट्यशास्त्र ढाई हजार साल पहले संस्कृत में रचा गया यह ग्रंथ भारतीय कलाओं का विश्वकोश है तथा साहित्यशास्त्र, सौन्दर्यशास्त्र और नाट्यचिन्तन का भी मूलाधार है। इस कार्यशाला के माध्यम से युवा रंगकर्मी भरतमुनिकृत नाट्यशास्त्र का प्रामाणिक परिचय प्राप्त कर के अपने प्रयोगों को अपने देश की कलापरम्परा में डाल सकेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रख्यात फिल्म अभिनेता और रंगकर्मी रघुवीर यादव ने कहा कि यह कार्यशाला नाट्यशास्त्र की बारीकियों को समझने का एक बड़ा अवसर है। नाट्य शास्त्र में निहित रस, भाव और भनिति भंगिमाओं के प्रयोग नाट्यकारों को पूर्ण और परिष्कृत बनाते हैं। भारत के अभिनय संसार के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। नाट्यशास्त्र अभिनय का अनुशासन है।
कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन करते हुए संगीत नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नाट्यकर्मी रमेश बोराणा ने कहा नाट्य शास्त्र का अध्ययन एक महायज्ञ है,जो हमें कला, सौंदर्य और साहित्य की पूर्णता का फल प्रदान करता है। इसमें संपूर्ण कलाओं के साथ सभी रस पूर्णता के साथ विद्यमान हैं।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कला एवं संस्कृति विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा यह राष्ट्रीय कार्यशाला नाट्य प्रेमियों, रंग कर्मियों, शोधार्थियों में एक नए उत्साह का संचार करेगी और कालांतर में यह एक मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में संगीत नाटक अकादमी के प्रशासक और संभागीय आयुक्त जोधपुर डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि कोरोना कालखंड में राज्य सरकार द्वारा दी जा रही प्रोत्साहन राशि ने बड़े स्तर पर कलाकारों को संबल प्रदान किया है । इस अवसर पर राजस्थान संस्कृत अकादमी द्वारा नाट्यशास्त्र कार्यशाला पर प्रकाशित विशेषांक संस्कृत सेतु का लोकार्पण किया गया ।
Published on:
13 Dec 2021 10:11 pm
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