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राजस्थान: Ashok Gehlot सरकार की दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए नई कवायद, जानें क्या है ‘मिशन समर्थ’?

विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग की नई पहल, ‘‘मिशन समर्थ’’ के माध्यम से होगी घर से पढ़ाई, कोरोना काल के दौरान विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की घर से हो सकेगी पढ़ाई  

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Study from home Concept 'Mission Samarth' for special students

जयपुर।

कोरोना महामारी के दौरान विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की घर से पढ़ाई की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग नए सत्र में 'मिशन समर्थ' कार्यक्रम लेकर आ रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य, जिला, ब्लॉक तथा पंचायत स्तर पर दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जायेंगे। इन ग्रुप्स पर प्रतिदिन सीडब्ल्यूएसएन विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर निर्मित पाठ्य सामग्री ऑडियो तथा वीडियो के रूप में साझा की जायेगी।

समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. भंवर लाल ने बताया कि इन व्हाट्स एप ग्रुप्स का सृजन, संचालन व निरीक्षण का ज़िम्मा जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी तथा पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी का होगा। द्वारा अपने अपने स्तर पर किया जाएगा तथा जल्द ही शाला दर्पण पर भी इस योजना की क्रॉस मॉनिटरिंग हेतु लाइव मॉड्यूल लॉन्च की जायेगी।


समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. भंवर लाल द्वारा इस सम्बंध में मगंलवार को सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों तथा पदेन जिला परियोजना समन्वयकों को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए।

गौरतलब है कि विभाग अब ऐसे विद्यार्थियों की समस्याओं को देखते हुए बड़े स्तर पर ब्रेल लिपि व साइन लैग्वेज में कक्षा एक से बारहवीं कक्षा तक के लिए ई-कटेंट तैयार करवा रहा है। पिछ्ले दिनों ही शिक्षा मंत्रालय ने ई-विद्या योजना के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के लिए ऑनलाइन/डिजिटल/ऑन-एयर शिक्षण में समानता लाने के उद्देश्य से एक गाइडलाइन भी जारी की है।


-इन दिशाओं में हो रहा काम

1. नामांकन अभियान

प्रदेशभर में सामान्य बच्चों के साथ विशेष विद्यार्थियों को भी सरकारी स्कूलों से जोडऩे के लिए विशेष नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए विशेष शिक्षक और सामान्य शिक्षक निर्धारित क्षेत्रों के पीइइओ, वार्ड पंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि से सम्पर्क कर ड्राप आऊट बच्चों को स्कूलों से जोड़ रहें हैं।

2. स्माइल ग्रुप के अलावा है समर्थ ग्रुप

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रदेश के सभी जिलों में अलग से व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इनमें नियमित रुप से अलग-2 कक्षा व विषयवार कटेंट भेजा जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों को नियमित रुप से गृह कार्य भी दिया जाएगा।

3. विडियो लाइब्रेरी पर एक क्लिक से पूरी जानकारी

मूक बधिर सहित अन्य श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए वीडियो लाइब्रेरी भी तैयार कराई जा रही है। इसमें कक्षा एक से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को यदि ई-कक्षा के बाद भी कोई शंका रहती है तो वह एक क्लिक पर पूरी जानकारी ले सकता है।


फैक्ट फाइल

- दिव्यांगता की श्रेणियां-21
- राजकीय विद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थी- 88.5 हजार

- प्रदेशभर में विशेष शिक्षक-2200
- जिले में संदर्भ कक्ष-9

- जिले में विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी-3.1 हजार

समर्थ ग्रुप में सीडब्ल्यूएसएन के लिए भेजे जा रहे विडियो विभाग के यू-ट्यूब चैनल इ-कक्षा पर भी अपलोड हैं। इनमें प्रत्येक विषय को दृश्य,श्रव्य और सांकेतिक भाषा में एक साथ समझाया गया है। -भूपेश शर्मा,समन्वयक,जिला दिव्यांगता प्रकोष्ठ,शिक्षा विभाग,श्रीगंगानगर ।

देशभर में इस तरह दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक कंटेंट तैयार करवाने वाला राजस्थान पहला राज्य है। इसके अलावा एक ओर नवाचार के तहत नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए अब ब्रेल में ही वर्कशीट भी दी जाएगी। - सौरभ स्वामी, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा,बीकानेर ।