लेकिन इससे पहले वरुण अपने खाते के बारे में जानकारी शेयर कर चुका था और इसी जानकारी का फायदा उठाकर खाते से कई बार में 2 लाख 54 हजार रुपए साफ हो गए।
जयपुर
आखिर साइबर ठगी के केस कैसे कम हों.....? पग पग पर ठग जाल बिछाए बैठे हैं। कभी खुद ही पीडि़त फंस रहे हैं तो कभी जाल में फांसा जा रहा है। फिर से साइबर ठगी के दो मामले दर्ज किए गए हैं। दोनो केसेज में तीन लाख रुपए से ज्यादा रकम खातों से निकाल ली गई है। जालूपुरा थाना पुलिस ने एक मुकदमा दर्ज किया है इसमें पीडित से करीब ढाई लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की गई है।
पुलिस ने बताया कि वरुण कुमार ने पिछले दिनों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर बुक कराए थे। इनके बारे में जानकारी लेने के लिए वरुण ने कंपनी का नंबर गूगल किया था। गूगल पर जो नंबर मिला उस पर बात की तो पता चला कि नंबर कंपनी के किसी प्रतिनिधी का नहीं है। लेकिन इससे पहले वरुण अपने खाते के बारे में जानकारी शेयर कर चुका था और इसी जानकारी का फायदा उठाकर खाते से कई बार में 2 लाख 54 हजार रुपए साफ हो गए।
उधर कोतवाली में रहने वाले अजीत दास से ठगों ने 55 हजार रुपए से ज्यादा की ठगी कर ली। दरअसल अजीत ने आनलाइन शाॅपिंग साइट से एक फोन खरीदा था। उसके कुछ दिन बाद फोन आया और फोन करने वाले ने कहा कि आपको लक्की कस्टमर के रुप में चुना गया है आपको रिफंड और इनाम मिलेगा। अजीत ने ठग के कहने पर एनी डेस्ट डाउनलोड कर लिया और पता चला कि खाते से तीन बार में 55 हजार साफ हो गए।
16 दिन में साइबर फ्राॅड के 12 केस, 30 लाख से ज्यादा का फटका
राजधानी जयपुर में दस दिन के दौरान साइबर फ्राॅड के दस से भी ज्यादा केस सामने आए हैं। इनमें करीब तीस लाख से भी ज्यादा रकम किसी न किसी तरीके से ठगों ने बैंक ग्राहकों के खातों से निकाली है। प्रताप नगर, मानसरोवर, सांगानेर, कोतवाली, शास्त्री नगर, नाहरगढ़, झोटवाड़ा थानों में दर्ज कराए गए हैं। सबसे बड़ी वारदात शास्त्री नगर में रहने वाले रिटायर्ड सरकारी कार्मिक के साथ इसी सप्ताह हुई। उनके खातों से कई बार में करीब पौने नौ लाख रुपए निकाल लिए गए।