फिर प्रक्रिया में निजी कंपनियों ने मीटर दर 10,500 रुपए पहुंचा दी। बावजूद इसके डिस्कॉम ने मोलभाव के नाम पर सिर्फ 1000 रु. घटा 3 कंपनियों को 9500 रु. प्रति मीटर के हिसाब से काम दे दिया। एक वर्ष के दरमियान हुए खेल में प्रति मीटर 2735 रु. ज्यादा चुकाने होंगे (40 त्न अधिक), जिससे डिस्कॉम को 12 करोड़ रुपए का फटका लगा। चौंकाऊ बात है, जो फर्म एक साल पूर्व कम दाम (6765 रु.) पर मीटर देने को राजी थी, डिस्कॉम उससे अभी 9500 रुपए में ही मीटर खरीद रहा है।