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बगरू—छितरौली औद्योगिक क्षेत्र में जमीन लेने का सांगानेर की रंगाई छपाई फैक्ट्रियों को अंतिम अवसर

मामले पर अब 6 मार्च को सुनवाई होगी

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High Court

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जयपुर।


बगरू—छितरौली औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक सांगानेर की रंगाई छपाई की फैक्ट्रियों के लिए सुरक्षित जमीन के मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। इस जमीन को रीको खुले बाजार में नीलाम करना चाहता है। रीको ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर कर 2003 आदेश में संशोधन करने की गुहार की है। न्यायालय ने कहा कि रीको दो अखबारों में विज्ञापन देकर रंगाई छपाई फैक्ट्रियों के मालिकों को बगरू—छितरौली औद्योगिक क्षेत्र में जमीन लेने का अंतिम अवसर दे। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करने का विभाग स्वतंत्र होगा। मामले पर अब 6 मार्च को सुनवाई होगी।

राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर रीको ने सांगानेर की कपड़ा रंगाई छपाई फैक्ट्रियों को औद्योगिक क्षेत्र में स्थानांतरण की योजना तैयार की। इसके लिए बगरू छितरौली औद्योगिक क्षेत्र में करीबन 189.83 एकड़ जमीन में 238 प्लाट को सुरक्षित किया गए। रीको के बार बार आवेदन मांगने पर भी किसी भी रंगाई छपाई फैक्ट्री संचालक ने औद्योगिक क्षेत्र में जाने में रूची नहीं दिखाई। जिसकी वजह से बगरू छितरौली में जमीन 2003 से बिना उपयोग के पड़ी है। अब रीको ने उच्च न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर करते हुए कहा कि जमीन का अन्य उपयोग करने की अनुमति दी जाए। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत माहान्ती और न्यायाधीश अशोक कुमार गौड़ की बेंच में मूल याचिकाकर्ता विजयसिंह पूनिया की ओर से अधिवक्ता विमल चौधरी ने विरोध करते हुए कहा कि आदेश की पालना करनी चाहिए और इस तरह से आदेश में संशोधन नहीं किया जा सकता है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल और टाउन प्लानर की रिपोर्ट पर रंगाई छपाई फैक्ट्रियों को हटाने का फैसला किया गया था। जिस पर न्यायालय ने फैक्ट्रियों को बगरू—छितरौली औद्योगिक क्षेत्र में जमीन लेने के लिए अंतिम अवसर देने का आदेश दिया और इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

समस्या का हुआ निस्तारण

रीका ने न्यायालय में कहा है कि सांगानेर में प्रदूषण की समस्या के निस्तारण के लिए सीइटीपी बनाया जा चुका है और फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी को इससे जोड़ा जा चुका है। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने 13 जुलाई 2016 को सुरक्षित रखी गई जमीन के संबंध में रीको को उपयुक्त कदम उठाने सलाह दी है।

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