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Good News: दूरबीन सर्जरी की इस तकनीक से संवर रही महिलाओं की जिंदगी

MRKH सिंड्रोम में पीरियड्स नहीं होने पर वजाइना नहीं होने का चलता है पता

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जयपुर

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Savita Vyas

Mar 12, 2022

Good News: दूरबीन सर्जरी की इस तकनीक से संवर रही महिलाओं की जिंदगी

Good News: दूरबीन सर्जरी की इस तकनीक से संवर रही महिलाओं की जिंदगी

जयपुर। प्रकृति ने महिला को जननी बनने का वरदान दिया है, लेकिन शारीरिक कमजोरी के चलते एक 18 वर्षीय युवती का जीवन अभिशाप बन गया। शादी से पहले ही घर वालों को युवती के भविष्य की चिंता सताने लगी। दरअसल, युवती मेयर रोकिटैन्स्की कस्टर हॉसर सिंड्रोम (MRKH) से पीड़ित थीं। कहते हैं ना मेडिकल साइंस में कुछ भी नामुनकिन नहीं है, इसी को साबित कर दिखाया जयपुर की एक महिला चिकित्सक ने, जिसने दूरबीन की नई पद्धति से युवती का इलाज कर सफलता हासिल की है। दुर्गापुरा स्थित एक निजी हॉस्पिस्टल की एडवांस गायनी लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ.कविता गोयल ने वेजिनो प्लास्टिक की नई तकनीक पेरिटोनियल पूल थ्रू तकनीक की सहायता से युवती का ऑपरेशन किया।

डॉ. गोयल ने बताया बताया कि युवती की जांच में पता चला कि वो मेयर रोकिटैन्स्की कस्टर हॉसर सिंड्रोम (MRKH) से पीड़ित थीं। इसमें सर्विक्स, यूटरस और वजाइना नहीं होता है। यह एक जन्मजात विकृति होती है। MRKH का पता तभी चलता है, जब मरीज को पीरियड्स शुरू नहीं होते हैं। अभी तक सर्जरी रोग विभाग में ज्यादातर परम्परागत तरीके से ही ऑपरेशन किए जा रहे थे। इस दौरान मरीज को 15 से 20 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता था। अब दूरबीन की पेरिटोनियल पूल थ्रू तकनीक महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। हालांकि इसको लेकर जागरूकता की कमी है। दूरबीन से ऑपरेशन करने के बाद मरीज की जल्दी रिकवरी हो जाती है। अस्पताल से दो—तीन दिन में ही मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता है। इसके बाद मरीज नार्मल जीवन जी सकता है।