
मकड़ासर में आयोजित रात्रि चौपाल में गांव के पांच परिवारों के नौ बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बन गई।
इन बच्चों को हाथोहाथ पालनहार योजना का लाभ स्वीकृत हुआ। अब इन बच्चों को पढऩे के लिए एक-एक हजार रूपये प्रतिमाह मिलेंगे।
अटल सेवा केन्द्र में आयोजित रात्रि चौपाल में अधिकारियों ने केन्द्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
जन-धन, प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा तथा माइक्रो एटीएम के बारे में,निर्माण श्रमिकों की योजनाओं, जिला परिषद के अधीक्षण अभियंता ने जलग्रहण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक ने पालनहार सहित अन्य योजनाओं के बारे में बताया।
जिला कलक्टर ने ग्रामीणों से सभी योजनाओं की जानकारी लेने तथा इनका अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने पांच पालनहारों के नौ बच्चों के लिए पालनहार योजना के तहत स्वीकृति पत्रा प्रदान की।
सरकार की ओर से प्रदान की जाने वाली राशि बच्चों की पढ़ाई पर ही व्यय करने के लिए प्रेरित किया।
गांव में बनेगा खेल मैदान
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने गांव में बच्चों के खेलने के लिए मैदान नहीं होने की बात कही। इस पर जिला कलक्टर ने तत्काल गांव में अराजीराज भूमि की जानकारी ली तथा बीईईओ को इसके लिए प्रस्ताव भिजवाने के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि मैदान को विकसित करने के लिए मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।
उन्होंने जनसहयोग और विद्यालय निधि से भी मैदान में विकास कार्य करवाने का सुझाव दिया।
उन्होंने राउप्रावि बींझरवाली और राप्रावि बीरमाना बास के क्रमोनयन की ग्रामीणों की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शि.) को निर्देशित किया।
ग्रामीणों ने मकड़ासर में एसबीबीजे बैंक की शाखा खुलवाने की मांग की।
इसी प्रकार उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के रूप क्रमोन्नत करने की ग्रामीणों की मांग के संबंध में नॉम्र्स आधारित रिपोर्ट बनाने के लिए उन्होंने ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया।
ग्रामीणों को भामाशाह योजना के तहत पूरे परिवार का पंजीयन करवाने का आग्रह किया। उन्होंने जलग्रहण के तहत हो रहे कार्यों में पूर्ण गुणवत्ता रखने के लिए निर्देशित किया।
बींझरवाली के आदर्श विद्यालय के आगे से ट्रांसफार्मर हटाने, मूसलकी-बींझरवाली-मकड़ासर के ढीले तारों को कसवाने के लिए विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया।
