
social media platform: सोशल मीडिया पर हिंदी अपनाने वालों की संख्या तीन गुना बढ़ी
हर महीने हिंदी भाषा में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपने विचार प्रकट कर रहे हैं। पिछली तिमाही में हिंदी अपनाने वालों की संख्या में तीन गुना से अधिक बढ़ोतरी देखी गई है। इसी कारण हिंदी दिवस पर घरेलू सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू एप सबसे बड़े हिंदी माइक्रोब्लॉग के रूप में उभरा है। संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, कनाडा, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात, अल्जीरिया, नेपाल, ईरान और भारत सहित कू एप के पास 75 देशों के हिंदी भाषी हैं। ये सभी मंच पर अपनी मूल भाषा में एक-दूसरे के साथ जुड़ते और बातचीत करते हैं। ये यूजर्स बिल्कुल स्थानीय कंटेंट बनाते हैं और अपने समुदाय के खास त्योहारों और कार्यक्रमों का जश्न भी मनाते हैं। हिंदी बोलने वालों में कविता, साहित्य, कला, संस्कृति, खेल, फिल्म और आध्यात्मिकता समेत जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों के साथ-साथ प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हैं।
कू एप के सह-संस्थापक मयंक बिदावतका ने कहा कि हिंदी दिवस हिंदी की समृद्धि और विरासत का जश्न मनाता है। 60 करोड़ यूजर्स हिंदी बोलते हैं, जो इसे न केवल भारत में बल्कि दुनिया में भी सबसे बड़ी भाषाओं में से एक बनाते हैं। देसी भाषाओं में ऑनलाइन अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने वाले एक मंच के रूप में हमें हिंदी में नंबर-1 माइक्रो, ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है। बहुभाषी पोस्टिंग का हमारा अनूठा और बेहतरीन एमएलके फीचर यूजर्स को व्यापक दर्शकों तक आसानी से पहुंचने में सक्षम बनाकर भाषाई बाधाओं को और तोड़ देता है। हम लोगों के डिजिटल जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बनकर रोमांचित और प्रसन्न हैं।
मार्च 2020 में अपनी स्थापना के बाद से अब तक कू एप ने 4.50 करोड़ डाउनलोड हासिल किए हैं, जो कि इसकी बेहद तेज बढ़ोतरी के एक वर्ष को दर्शाता है। बिदावतका कहते हैं, कू एप भारत के इंटरनेट यूजर्स की एक बड़ी आबादी द्वारा इस्तेमाल किए जाने और भविष्य में 10 करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर पार करने की राह पर है। हम ऐसी तकनीक का निर्माण करते रहेंगे, जो दुनिया में हर जगह देसी भाषा बोलने वालों को सशक्त बनाएगी। भारत की तरह दुनिया के लगभग 80 प्रतिशत लोग अपनी मातृभाषा बोलते हैं।
Published on:
15 Sept 2022 10:49 am

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