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OMG! राजस्थान के BJP MLA ने PM Modi को लेकर व्हाट्सएप ग्रुप पर ये क्या कर डाला शेयर, मच गया ‘बवाल’!

प्रदेश Bjp में नेताओं की खींचतान कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। कभी वसुंधरा राजे के Poster को लेकर विवाद होता है तो कभी किसी अन्य नेता को लेकर गुटबाजी नजर आ जाती है।

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जयपुर

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Rahul Singh

Jan 10, 2022

City executive of BJP in Ujjain ..Know who got the responsibility.

जोशी को दोबारा अध्यक्ष बनाया तो सिंधिया समर्थकों को भी शामिल किया

जयपुर।
प्रदेश Bjp में नेताओं की खींचतान कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। कभी वसुंधरा राजे के Poster को लेकर विवाद होता है तो कभी किसी अन्य नेता को लेकर गुटबाजी नजर आ जाती है। हाल ही में वसुंधरा राजे खेमे के नेता विधायक कालीचरण सराफ के एक पोस्टर को लेकर विवाद हो गया है। हुआ यूं कि पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ के खिलाफ आरएसएस के सेवा सदन के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है और इसमें सराफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

मोदी पर अशोभनीय टिप्पणी का आरोप—
पोस्टर में कालीचरण सराफ के खिलाफ आरोप लगाया गया हैं कि उन्होंने पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की है। जैसे ही इस पोस्टर की जानकारी फैलने लगी तो इस पोस्टर को हटा लिया गया।पोस्टर में किसी भाजपा नेता का नाम नहीं हैं सिर्फ निवेदक के नीचे समस्त कार्यकर्ता लिखा हुआ था। पोस्टर लगाने वाले की पहचान नहीं हो पाई है और विधायक कालीचरण सराफ भी अभी कोरोना संक्रमित हैं।

सराफ के वॉट्स एप से भेजा था एक चुटकुला—
पोस्टर में मालवीय नगर से विधायक कालीचरण सराफ की पीएम मोदी पर एक टिप्पणी को लेकर मसला फैलाया गया। पिछले दिनों सराफ के वॉट्स एप नंबर से पीएम मोदी को लेकर एक संदेश शेयर किया गया था। चुटकुले की तरह इस संदेश में लिखा गया था कि, मोदी ने जिसे भी गले लगाया, उसकी गिर गई सरकार’, राहुल गांधी जब संसद में मोदी से गले मिले तो उनका अध्यक्ष पद चला गया इसलिए अब मोदीजी को शी जिनपिंग, इमरान खान, केजरीवाल, उद्धव ठाकरे को भी गले लगाना चाहिए। हालांकि सराफ ने उस वक्त सफाई दी थी परिवार में किसी बच्ची ने गलती से चुटकुला वाट्सएप पर शेयर कर दिया था।

सेवासदन के हैं राजनीतिक मायने— आरएसएस को भाजपा की रीढ की हड्डी माना जाता हैं और सराफ के खिलाफ पोस्टर को लेकर कई सियासी चर्चाएं गरम है। सराफ पिछला चुनाव करीब 1800 वोटों ही जीते थे।इस सेवा सदन में आरएसएस के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा रहता हैं और जब प्रदेश में भाजपा की सरकार होती हैं तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। सराफ 1985 में पहली बार जौहरी बाजार से विधायक बने थे उसके बाद से वे 1998 एक चुनाव में ही उनकी हार हुई थी। वे सात बार के विधायक है। सराफ घर पर आइसोलेट हैं पोस्टर वॉर पर फिलहाल भाजपा से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और सराफ ने भी इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है।

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