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सिल्क्यारा सुरंग की तरह ये हैं दुनिया के अब तक के सबसे जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन

यहां जानिए विश्व के ऐसे मुश्किल ऑपरेशन, जहां इंसानी जज्बे ने आपदा पर विजय पाई।

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सिल्क्यारा सुरंग की तरह ये हैं दुनिया के अब तक के सबसे जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन

चिली की सुरंग में बचाव अभियान। -फाइल फोटो

नई दिल्ली. उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को जटिल और चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान के तहत 17 दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यहां जानिए विश्व के ऐसे मुश्किल ऑपरेशन, जहां इंसानी जज्बे ने आपदा पर विजय पाई।

रानीगंज का कोयला खदान (1989)
13 नवंबर, 1989 में पश्चिम बंगाल के महाबीर कोलियरी, रानीगंज की 104 फीट गहरी कोयला खदान जलमग्न हो गई। उस वक्त खदान में 232 मजदूर काम कर रहे थे। 161 श्रमिकों को ट्रॉली की मदद से निकाल लिया गया। जबकि 65 मजदूरों को तीन दिन बाद 34 वर्ष के माइनिंग इंजीनियर जसवंत सिंह गिल की सूझबूझ से 22 इंच का स्टील कैप्सूल के जरिए निकाला गया। इस दौरान 7 श्रमिकों की मौत हो गई थी। इस मिशन पर फिल्म भी बनी है ‘मिशन रानीगंज’। गिल को सर्वोच्च जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया।

थाई गुफा बचाव (2018)
23 जून, 2018 का थाईलैंड गुफा में थाइलैंड की जूनियर फुटबॉल टीम के 12 खिलाड़ी और उनके कोच बारिश से बचने के लिए गुफा में घुसे, लेकिन भारी जल भराव से अंदर ही फंस गए। यह दुनिया का अब तक के सबसे जटिल बचाव अभियान में गिना जाता है। कई देशों के 90 गोताखोर और 10 हजार से ज्यादा बचावकर्मी इस अभियान में जुटे और करीब दो सप्ताह बाद सभी को सुरक्षित निकाला गया। हालांकि एक गोताखोर समन कुनान को जान गंवानी पड़ी।

बोरवेल से निकाला प्रिंस (2006)
वर्ष 2006 में हरियाणा में कुरुक्षेत्र के हल्ढेरी गांव के एक 60 फीट गहरेे बोरवेल में 5 साल का प्रिंस गिर गया। 50 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बराबर तीन फीट व्यास का लोहे का पाइप डालकर प्रिंस को बचाया गया।

चिली के खनिकों को बचाया (2010)
5 अगस्त, 2010 में चिली की सैन जोस सोने और तांबे की खदान ढहने से 33 श्रमिक दो हजार फीट नीचे फंस गए। रेस्क्यू टीम ने 22 अगस्त को वर्टिकल छेद कर भोजन, पानी और दवा भेजने का काम शुरू किया। 13 अक्टूबर को, 69 दिन बाद 33 खननकर्मियों को चिली के राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंगे कैप्सूल के जरिए एक-एक कर बाहर निकाला।

क्यूक्रीक माइनर्स रेस्क्यू (2002 )
24 जुलाई 2002 का अमरीका के पेंसिल्वेनिया के समरसेट काउंटी में क्यूक्रीक माइनिंग खदान में फंसे 9 श्रमिकों को 77 घंटे बाद बाहर निकाला गया। इसके लिए 22 इंच चौड़ी आयरन रिंग बनाई गई।