
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धा के युग में कक्षा 9वीं से स्नातक तक का पाठ्यक्रम महत्वपूर्ण है। हर प्रतियोगी परीक्षा के लिए 9वीं कक्षा नींव का आधार है। सिर्फ प्रतियोगी परीक्षा के समय ही ज्यादा अध्ययन करने से सफलता मिल जाए, ये आसान नहीं है। निरन्तर अध्ययन से आपकी विषय पर पकड़ मजबूत होती है। कम्प्यूटर के जमाने में आपको कम्प्यूटर का ज्ञान भी आवश्यक है।
कुम्भाराम माकड़, शिक्षाविद् हेमराज खत्री, जोगेन्द्र कुमार, आदर्श किशोर जांणी, दीपाराम पोटलिया, कंवरलाल गुप्ता, अशोकसिंह चारण, तनसिंह चारण, कानराज पूनिया, राजेश कुमार जैन एवं चैनाराम चौधरी का छात्रावास में विद्यार्थियों को नि:शुल्क अध्यापन करवाने पर माल्यार्पण कर अभिनन्दन किया गया। हेमराज खत्री ने कहा कि आईएएस, आरएएस, आईपीएस, आरएएस सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में बाड़मेर ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस मौके बोर्डिंग हाउस के अध्यक्ष बलवंतसिंह चौधरी, सचिव डालूराम चौधरी, कोषाध्यक्ष तोगाराम गोदारा, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य जवाहरलाल नेहरू, अमराराम गोदारा, महेन्द्र चौधरी, व्यवस्थापक धर्माराम खोथ, कन्या छात्रावास व्यवस्थापिका अमृत कौर, सह व्यवस्थापक सोनाराम के. जाट, उम्मेदसिंह, जोगाराम सारण, हरदानराम सेंवर अचलाराम सऊ, हरदान पोटलिया आदि मौजूद थे। प्रतिवेदन डॉ. हुकमाराम पोटलिया ने प्रस्तुत किया। संस्थान सचिव डालूराम चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया, संचालन भीखाराम थोरी ने किया।
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