टहला थाना इलाके के वन चौकी खोह नाका से शनिवार रात चोर वन विभाग के गश्ती दल की जीप को चोरी कर ले गए।
घटना की सूचना पर पुलिस ने नाकेबंदी कराई, लेकिन जीप और चोरों के बारे में अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
टहला के रेंजर बबलू मीणा ने बताया कि बाघ परियोजना सरिस्का अन्तर्गत क्षेत्रीय वन्य रेंज कार्यालय टहला में शनिवार रात को वह अपनी टीम के साथ जीप में रात्रि गश्त पर निकले।
इसी दौरान फोरेस्टर खोह बीट इंचार्ज रामकुंवार व बीट गार्ड खोह आसन्न महेन्द्र सिंह जाटव घाटड़ा की ओर पैदल ही गश्त कर रहे थे।
आसन्न घाटड़ा चौकी से गश्ती दल को लेकर वापस रात्रि 11 बजे वन चौकी नाका दाता मोड़ खोह पर आए और वाहन को चौकी के सामने खड़ा करके चौकी के बरामदे में खाना खाने रुक गए।
करीब रात 12 बजे एक बोलेरो चौकी के पास बड़ के पेड़ के नीचे आकर रुकी, जिसमें पांच-छह व्यक्ति सवार थे।
अचानक बोलेरो से एक व्यक्ति उतर कर गश्ती दल की गाड़ी को स्टार्ट करके आसन्न रोड की तरफ तेजी से भगा ले गया और बोलेरो भी उसके साथ तेजी से पीछे रवाना हो गई। उसमें वायरलैस सेट भी लगा हुआ था व उसकी नम्बर प्लेट पर राजस्थान सरकार भी लिखा हुआ था।
मामले की सूचना तुरत टहला थाना पुलिस, आसन्न वन चौकी, कोलवा पुलिस थाना, बसवा पुलिस थाना, बांदीकुई व राजगढ़ पुलिस थानों को दी गई। इस पर पुलिस नाकेबंदी शुरू हो गई।
चोरों का सुराग नहीं
श्रीपाल सिंह थानाप्रभारी टहला ने बताया कि वन विभाग के गश्ती दल की जीप चोरी होने की सूचना मिलते ही नाकेबंदी शुरू करवा दी गई है। जीप और चोरों के बारे में अभी कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस तलाश में जुटी है।