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Aaj Ka Rashifal 31 March: पढ़े तीन ज्‍योतिषियों से राशिफल स‍मेत फैमिली एस्‍ट्रो स्‍पेशल सिर्फ पत्रिका पर

पत्रिका में देखें प्रतिदिन तीन ज्योतिषाचार्यों के साथ आज का राशिफल

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जयपुर

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Kavita Gadri

Mar 30, 2023

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ज्योतिषाचार्य: पं. मुकेश भारद्वाज के जवाब

यहां पाएं चार तरह की एस्ट्रो विधाओं के टिप्स
1). अंकगणित
2). टैरो कार्ड
3). वैदिक ज्योतिष (सनसाइन-मूनसाइन)
4). वास्तु शास्‍त्र

यह कॉलम उन पाठकों के लिए है जो ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से भविष्य के पूर्वानुमानौ में भी रुचि रखते हैं। भविष्य के पूर्वानुमान लगाने की लगभग सभी लोकप्रिय विधाओं को समाहित कर इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह देश में एक नए तरह की पहल है, जिसमें पाठक ना केवल दिन से जुड़ी सम्भावनाओं की जानकारी लें सकेगें साथ ही भविष्य से जुड़े प्रश्न भेज पूर्वानुमान प्राप्त कर सकेगें।

इस कॉलम में अंकगणित टैरो कार्ड, सनसाइन, वैदिक ज्योतिष एवं मून साइन के अनुसार ग्रह नक्षत्र के समग्र प्रभाव का पूर्वानुमान और संभावना पर लगातार जानकारियों को साझा करेंगे।


अंकगणित -
आज का मूलांक चार है जोकि 3 और एक के सहयोग से बना है इसका अर्थ यह है कि आज के दिन में जहां एक और ज्ञान धर्म धन और समर्पण की ऊर्जा रहेगी वहीं दूसरी ओर साहस एकाग्रता मैनेजमेंट और तर्कशक्ति की प्रबलता रहेगी इन दोनों को मिला दिया जाए तो आज के दिन का मूलांक चार बनता है चार मूलांक की विशेषता है की इसमें दो अलग-अलग प्रकार की ऊर्जा होने के कारण किसी एक खास कार्य में एकाग्रता बन पाना मुश्किल होता है चिंतन अधिक होता है और क्रियाशीलता थोड़ी कम ज्ञान अधिक होता है लेकिन लक्ष्यों का निर्धारण करने में थोड़ा विलंब हो जाता है इसलिए कार्यों के परिणाम आज थोड़ा धीमे आने की संभावना है धन के लिए जहा योजना बनाना तो उत्तम रहेगा लेकिन आगमन थोड़ा कठिन रहेगा वही अपने निर्धारित लक्ष्यों को पाने के लिए किए जाने वाले परिश्रम मैं थोड़ा आलस्य समाहित होने के कारण या स्वास्थ्य के अलावा धन की उपलब्धता में कमी और पारस्परिक सहयोग मिलने में थोड़ी कमी के कारण वांछित परिणाम मिलने में समस्या हो है सकती है लेकिन राजकीय कार्य और यात्रा संबंधी कार्यों में विशेष सफलता मिलने की संभावना रहेगी मूलांक 1 और सात के लिए आज का दिन विशेष महत्व का रह सकता है वही दो और 8 मूलांक वालों के लिए थोड़ी भावनात्मक कठिनाई रह सकती है 3 और 6 मूलांक वाले मार्केटिंग आदि कार्यों में लाभान्वित हो सकते हैं मूलांक 5 8 और नो वालों को थोड़ा सावधानी से दिन गुजारना होगा

वैदिक ज्योतिष -

सन साइन - आज का दिन अतिरिक्त सावधानी के साथ उन विषयों पर कार्य करने का रहेगा जिन्हें पहले गैर जरूरी समझकर थोड़ा था एक और जहां लिओ और स्कॉर्पियोज अपने लक्षण को लेकर बेहद आक्रमक रुप से कार्य करते हुए दिखाई देंगे वही पाईसेज से और जैमिनीज भावनात्मक मुद्दों को लेकर अपने साथी से उलझ सकते हैं। पोरस और कैप्रीकॉर्न अपने पूर्व में किए गए कार्यों का अच्छा परिणाम पाने से प्रसन्न दिखाई देंगे

मून साइन -
मून साइन आज भावनात्मक मुद्दों पर साथी से मुलाकात पाने के लिए ज्यादा प्रयत्न नहीं करना होगा थोड़ी सी ईमानदार कोशिश और सही जगह का चुनाव साथी को आपके साथ आने के लिए तैयार कर लेगा धन के मुद्दे पर मकर और कुंभ राशि वालों को थोड़ा इंतजार करना होगा धनु और मीन राशि वालों के लिए अपने वादों को पूरा करना थोड़ा मुश्किल रहेगा वृष और तुला राशि वाले अपने कार्यों में लगातार जुटे रहने के कारण समय अभाव के चलते अपने भावनात्मक मुद्दों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाएंगे इसी कारण उन्हें अपने साथी की नाराजगी झेल नि पड़ेगी


व्‍यापार राश‍िफल -

टैरो कार्ड-
टैरो कार्ड में आज का कार्ड टेंपरेंस है इसके मायने होते हैं कि आज आपस में समन्वय की कमी महसूस हो सकती है शारीरिक थकान या मानसिक परिश्रम की अधिकता या मन की उदासी आपके कार्यों और व्यवहार पर हावी हो सकती है रिकवर करने के लिए और एनर्जी को वापस पाने के लिए अपने आप को मेडिटेशन अच्छा भोजन मित्रों से अच्छी मुलाकात और व्यस्तता के बीच चुटकी भर आराम लाभ दे सकता है अच्छे संगीत या फिर नई मुलाकात भी खोई एनर्जी को वापस पाने का जरिया बन सकती है।


वास्‍तु टिप्‍स -
समस्‍या- मान्‍यता है कि घर का मुख्‍य द्वार दक्षिण की ओर नहीं होना चाहिए, ऐसा क्‍यों, यदि घर में ऐसा हो तो समाधान भी बताएं??

उपाय - घर का मुख्य द्वार दक्षिण की तरफ ना हो ऐसी कोई बाध्यता वास्तुशास्त्र में नहीं है लेकिन यह अवश्य है की दक्षिण की तरफ मुंह किए हुए मकान का अर्थ है की उस भवन में साउथ की तरफ से आने वाले सूर्य के अधिक प्रकाश और अधिक तापमान के साथ ही उस मकान का वायु गमन वास्तु शास्त्र के अनुसार विपरीत दिशा में बहता है अतः ऐसे भवन में वे लोग रह सकते हैं जिनके पास इस ऊर्जा को काम में लेने की पर्याप्त दक्षता और कार्य व्यवस्था मौजूद हो जैसे तकनीकी से जुड़े हुए लोग इंडस्ट्री से जुड़े हुए लोग राजनेता पुलिस अधिकारी आदि वे सभी लोग जहां जीवन में रोजमर्रा के कार्यों में भी अधिक ऊर्जा लगती हो घर के बाकी सदस्यों को भी किसी ने किसी कार्य में लगातार अपनी उर्जा जो दक्षिण दिशा से स्वयमेव ही प्राप्त हो रही है को काम में लेने के लिए लगातार प्रयत्न करना होगा अन्यथा घर का मुखिया तो स्वस्थ प्रसन्न और प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा लेकिन घर के अन्य सदस्य जो इस ऊर्जा को काम में नहीं ले पाएंगे वे अस्वस्थ या असहज महसूस कर सकते हैं

आपके सवाल - मंदिरों के भीतर भगवान की ओर पीठ दिखा कर बैठने के लिए मना किया जाता है, ऐसा क्‍यों? ?

जवाब - मंदिर में भगवान की मूर्तियों की ओर पीठ करके बैठने को सामान्यतया इसलिए मना किया जाता है क्योंकि प्राण प्रतिष्ठा के बाद ऐसा माना जाता है प्रस्तर की मूर्तियों में ईश्वर का अंश मौजूद है अतः मंदिर को ईश्वर का घर मानकर हम उनसे प्रार्थना के लिए उस स्थान पर उपस्थित होते हैं। एसे में जब उस भवन में उपस्थित हो कर उनकी ओर पीठ करके बैठना एक तरह से उनकी अवहेलना माना जाता है लेकिन यह नियम केवल प्रार्थना के समय ही और उनके समक्ष ही लागू होता है न की पूरे मंदिर प्रांगण में अतः जब आप मंदिर में हो और प्रार्थना में हो तो मूर्तियों के समक्ष पीठ ना करें लेकिन जब मंदिर प्रांगण में हो तो ऐसी कोई बाध्यता नहीं है।

ज्यो. पं चंदन श्यामनारायण व्यास, पंचांगकर्ता

मेष - प्रोफेशन में परिवर्तन चाहते हैं। पढ़ाई में रूचि की कमी रहेगी। पेरो में दर्द की वजह से अस्त-व्यस्त रहेंगे। उत्तेजना से कार्य बिगड़ेंगे। व्यय वृद्धि होगी। तनाव तथा चिंता हावी होंगे। जोखिम न उठाएं।

वृषभ - अपने व्यवसाय को लेकर यात्रा होगी। प्रोजेक्ट के लिए नए साझेदार मिलेंगे।घर के किसी सदस्य की चिंता रहेगी। अस्वस्थता रहेगी। बकाया वसूली होगी। यात्रा लाभकारी रहेगी।

मिथुन - रोज नई योजना बनती है पर चालू एक नहीं होती। परिवार में पूछ परख कम होगी। पिता के साथ आज कल अच्छी घुल मिल रही है। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। भय, चिंता तथा तनाव का माहौल ख़त्म होगा। मेहनत अधिक होगी।

कर्क- आज का दिन महत्वपूर्ण है। नए लोगों से जरा सम्भल कर मित्रता करें। किसी देव स्थान का भ्रमण सम्भव है। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। निवेश शुभ रहेगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। दुर्घटनादि से बचें। विवाद न करें।

सिंह- दिन की शुरुआत में आलस हावी रहेगा। संतो का सानिध्य मिलेगा। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से बचें। अतिविश्वास हानिकर सिद्ध होगा।

कन्या- किसी भी कीमत पर झुकना आप को पसंद नहीं है। वैवाहिक यात्रा सफल रहेगी। गृहस्थ सुख मिलेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कार्य में बाधा संभव है। मकान बदलने से लाभ होगा।

तुला- अपने कॅरियर को लेकर आप ईमानदार नहीं हैं। सम्भल जाएं। संपत्ति के बड़े सौदे हो सकते हैं जो लाभ देंगे। कार्यस्थल में उन्नति होगी। निवेश आदि लाभदायक रहेंगे। थकान होगी।

वृश्चिक - समय के परिवर्तन से राहत महसूस करेंगे। विद्यार्थी वर्ग सफल रहेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। अनाज में निवेश शुभ । सोच-विचार कर व्यापार करें अन्यथा अचानक हानि संभावित है।

धनु - आप के हौसले से ही आप उन्नती करेंगे। नए वस्त्र की प्राप्ति सम्भव है। माता-पिता अस्वस्थता रहेंगे। आपसी विवाद न करें। शुभ समाचार मिल सकता है। नोकरी में प्रयास ‍अधिक करना पड़ेंगे।

मकर - कार्यस्थल पर अधिकारियों से विवाद होंगे। आप की गलती के कारण बने बनाए काम बिगड़ सकते हैं। बात-चीत से काम बन जाएंगे। कार्यसिद्धि होगी।सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धनलाभ होगा। किसी चीज से डरे हुए हैं।

कुंभ- बड़ों की बात भी मान लेनी चाहिए। पुराने मित्र-संबंधी से मुलाकात आज सम्भव है। मित्रों से शुभ समाचार मिलेंगे। आत्मसम्मान बढ़ेगा।

मीन- आज किसी से भी विवाद न करें। अपने अधिकारों का गलत प्रयोग न करें।यात्रा लाभकारी रहेगी। आप की मेहनत से उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। निवेशादि सफल रहेगा। कुबुद्धि से हानि संभव।

आज का दिन , शुक्रवार 31 मार्च, 2023

शुक्रवार, 31 मार्च, 2023
शुभ वि. सं: 2080
संवत्सर का नाम : पिङ्गल


शाके सम्वत: 1945
हिजरी सम्वत: 1444
मु. मास: रमजान-8


अयन: उत्तरायण
ऋतु: बसन्त
मास: चैत्र
पक्ष: शुक्ल

शुभ मुहूर्त :
उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज पुष्य नक्षत्र में नामकरण, हलप्रवहण, अन्नप्राशन व विपणी-व्यापारारम्भ आदि के यथाआवश्यक शुभ मुहूर्त है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए :
आज सूर्योदय से पूर्वाह्न 11-59 तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत , दोपहर 12-31 से दोपहर बाद 2-03 तक शुभ तथा सायं 5-05 से सूर्यास्त तक चर के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर 12-06 से दोपहर 12-56 तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है जो आवश्यक शुभ कार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे :
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (हे, हो, डा, डी) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि कर्क है। कर्क राशि के स्वामी चन्द्रमा हैं। इनका जन्म रजतपाद से है। सामान्यत: ये जातक बुद्धिमान, सुशील, होशियार, धर्मपरायण, आस्थावान, मेधावी, सत्यप्रिय, मानवतावादी, लेखक, पत्रकार व प्रशासनिक कार्यों में दक्ष होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग 30-35 वर्ष की आयु के मध्य होता है। कर्क राशि वाले जातकों के कार्यक्षेत्र में तरक्की और विस्तार होगा। मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा। मान सम्मान में वृद्धि होगी।

शुभ तिथि :
दशमी पूर्णा संज्ञक तिथि रात्रि 1-५9 तक, तदन्तर एकादशी नंदा संज्ञक तिथि रहेगी। दशमी व एकादशी तिथि में सभी शुभ व मांगलिक कार्य यथा-विवाह, जनेऊ, प्रतिष्ठा, वास्तु, गृह निर्माण व प्रवेश यात्रा तथान्य व्रतोपवास आदि कार्य शुभ होते हैं। अभी मलमास में विवाहादि कार्य शुभ नहीं है।

नक्षत्र :
पुष्य "क्षिप्र व ऊध्र्वमुख" संज्ञक नक्षत्र रात्रि 1-57 तक, तदन्तर अश्लेषा "तीक्ष्ण व अधोमुख" संज्ञक नक्षत्र है। पुष्य नक्षत्र में विवाह को छोड़कर सभी आवश्यक शुभ कार्य, घरेलू कार्य, व्यापार सम्बन्धी कार्य सिद्ध होते हैं। अश्लेषा गण्डान्तमूल संज्ञक नक्षत्र भी है।

योग :
सुकर्मा नामक नैसर्गिक शुभ योग रात्रि 1-55 तक, तदन्तर धृति नामक नैसर्गिक शुभ योग है।

विशिष्ट योग :
आज रवियोग नामक शक्तिशाली दोष समूह नाशक शुभ योग सम्पूर्ण दिवारात्रि है। ज्वालामुखी नामक अशुभ योग रात्रि 1-57 से रात्रि 1-59 तक है।
करण: तैतिल नामकरण दोपहर 12-45 तक, तदन्तर गर वणिजादिक करण है।

व्रतोत्सव :
नवरात्र व्रत पारणा व नवरात्रोत्थापन, धर्मराज दशमी, मेला महावीर जी प्रारंभ, वित्तीय लेखावर्ष पूर्ण, गंडमूल प्रारम्भ रात्रि 1-57 से।

चन्द्रमा:
चन्द्रमा कर्क राशि में सम्पूर्ण दिवारात्रि है।
ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: आज रात्रि 1-36 पर सूर्यदेव रेवती नक्षत्र में प्रवेश व बुध दोपहर बाद 2-59 पर अश्विनी नक्षत्र व मेष राशि में प्रवेश करेंगे।

दिशाशूल :
शुक्रवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार आज उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है।

राहुकाल (मध्यममान से) :
प्रात: 10-30 से दोपहर 12-00 बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।