
Arbitration in toll plaza: movement of vehicles from two gates,Toll plaza arrest absconding accused in attack,Arbitration in toll plaza: movement of vehicles from two gates
जयपुर। निकाय चुनाव ( Nikay Chunav 2019 ) से ठीक पहले राज्य सरकार ने निजी चौपहिया वाहन चालकों को बड़ा झटका दिया है। भाजपा सरकार के अंतिम बजट में स्टेट हाइवे ( State Highway ) पर निजी वाहनों को टोल टैक्स ( Toll Tax on State Highway in Rajasthan ) में दी गई छूट को 18 महीने बाद कांग्रेस सरकार ने कैबिनेट सर्कुलेशन से समाप्त कर दिया है। गुरुवार को मंत्रिमंडल आज्ञा जारी होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे सालाना करीब 300 करोड़ राजस्व आएगा। टोल वसूली नवंबर से ही शुरू हो सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ( Vasundhara Raje ) ने अपने अंतिम बजट के बाद वित्त विधेयक पेश करते समय टोल में छूट दी थी।
बारिश में टूटी सडक़ों की मरम्मत के लिए बजट मांगा तो ‘टोलबंदी’ तक पहुंची बात
प्रदेश में इस बार भारी बारिश हुई है। इससे हजारों किलोमीटर सडक़ें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सडक़ों की मरम्मत के लिए विधायकों और मंत्रियों का दबाव आया तो सार्वजनिक निर्माण विभाग ने बजट के लिए प्रस्ताव भेजा। विभाग ने सरकार को बताया कि निजी वाहनों को टोल छूट ( Rajasthan State Highway Tolls List ) के चलते पहले की तरह राजस्व नहीं मिल रहा है। सरकार ने वित्त विभाग से परीक्षण करवाया और बजट की व्यवस्था के लिए निजी वाहनों से भी टोल वसूलने की तैयारी कर ली। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के लगभग 15 हजार किमी लंबे स्टेट हाइवे पर 150 से ज्यादा टोल बूथ हैं। इनसे रोज लगभग 2 लाख निजी वाहन गुजरते हैं।
सरकार के इस निर्णय के बारे में जब सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता सुनील गुप्ता से जानकारी चाही तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं अधीक्षण अभियंता मनवर अली ने फोन स्विच ऑफ कर लिया।
भाजपा ने सरकार के इस फैसले पर विरोध जताया है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुन्धरा राजे ने कहा कि प्रदेशवासियों की मांग पर मैंने स्टेट हाइवे पर घरेलू वाहनों को टोल फ्री कर दिया था। कांग्रेस सरकार का टोल वसूली का नया फरमान दुर्भाग्यपूर्ण है। यही अंतर है कांगे्रस और हमारी सरकार में। हम जनता को राहत देने का काम करते थे, ये लोगों को आहत करने का काम क रते हैं।
वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ( Satish Poonia ) का कहना है कि प्रदेश की जनता तो दीपावली के तोहफे का इंतजार कर रही थी। लेकिन सरकार ने तो टोल माफिया के आगे झुकते हुए महज 300 करोड़ के राजस्व के लिए जनता के हित को नजर अंदाज कर दिया। यह सरकार का जन विरोधी फैसला है और पार्टी इसका विरोध करती है।
Updated on:
31 Oct 2019 09:17 am
Published on:
31 Oct 2019 09:08 am

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
