
भाजपा में फिर से खींचतान शुरू!
जयपुर. प्रदेश में विधानसभा चुनाव में छह माह बचे हैं। भाजपा में चल रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए आलाकमान ने प्रदेश अध्यक्ष तक बदल डाला। एक बार यह लगा भी कि अब सब ठीक है, लेकिन सब कुछ ठीक वाली स्थिति ज्यादा दिन नहीं चल सकी है। यह सब हुआ मात्र एक छोटी सी चूक से।
भाजपा ने सुभाष महरिया सहित कई अन्य लोगों का भाजपा में शामिल करने के लिए प्रदेश कार्यालय में एक कार्यक्रम रखा। कार्यक्रम में कई नेता मौजूद थे, लेकिन जयपुर में मौजूद वसुंधरा राजे कार्यक्रम में नहीं दिखी। पूछताछ हुई तो प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने मीडिया से कहा कि जरूरी नहीं कि कोर कमेटी के सभी सदस्यों कोे बुलाया जाए। संभवत: यह बात राजे गुट को चुभ गई। महरिया वाले कार्यक्रम में तो राजे को नहीं बुलाया गया, लेकिन प्रदेश कार्यसमिति की लाडनू में हुई बैठक में उन्हें वहां रहना था। रूट चार्ट तक बन चुका, लेकिन शनिवार सुबह लाडनू जाना रद्द कर दिया गया। राजे गुट के नेता इस मामले में ज्यादा कुछ नहीं बोल रहे, लेकिन इतना जरूर कह रहे हैं कि निजी कारणों से राजे लाडनू नहीं जा सकी।
लम्बे समय से पार्टी में चल रही खींचतान को खत्म करने के प्रयास पार्टी के अंदर चल रहे हैं, लेकिन इसमें अभी नेताओं को पूरी सफलता नहीं मिल पाई है
निजी काम था, इसलिए नहीं आ सकी
वसुंधरा राजे निजी काम होने से बैठक में नहीं आई। बैठक में नहीं आने की उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से स्वीकृति ले ली थी। उनके बेटे दुष्यंत सिंह शामिल हुए हैं। कांग्रेस की तरह भाजपा में कोई अंतर कलह नहीं है। - कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री
Published on:
21 May 2023 12:24 pm
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