
Power Generation: राजस्थान के जैसलमेर और बीकानेर में 1800 मेगावाट क्षमता के दो नए सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे। इसके लिए केन्द्र सरकार के नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। बतादें कि वतर्मान में 2245 मेगावाट क्षमता का विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क भी जोधपुर जिले के भडला में विकसित किए जाने का श्रेय भी राजस्थान को ही है। इसी तरह से अक्षय ऊर्जा निगम की ओर से 925 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क जैसलमेर जिले के नोख में विकसित किया जा रहा है।
सस्ती दर पर विद्युत उत्पादन
माइंस, पेट्रोलियम और ऊर्जा के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि पहले चरण में जैसलमेर में 800 मेगावाट और बीकानेर में एक हजार मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क विकसित किए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान देश में लगातार ऊंची छलांग लगा रहा है। सौर ऊर्जा आधारित पार्कों में तापीय विद्युतगृहों की तुलना में अत्यधिक सस्ती दर पर विद्युत उत्पादन होता है। इसके साथ ही ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में राजस्थान देश में अग्रणी प्रदेश बन गया है। इंवेस्ट राजस्थान के दौरान भी प्रदेश में सौर ऊर्जा क्षेत्र में करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश के एमओयू एलयूआई पर हस्ताक्षर हुए हैं।
मोड 8 के तहत विकसित होंगे
केन्द्र सरकार के नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने पहले चरण में जैसलमेर में 800 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के माध्यम से और बीकानेर में एक हजार मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम की सहायक कंपनी राजस्थान सोलर पार्क डवलपमेंट के माध्यम से विकसित करने की स्वीकृति जारी कर दी है। इन दोनों पार्कों को केन्द्र सरकार की योजना के मोड 8 के तहत विकसित किया जाएगा।
विकसित हो चुकी है 10560 मेगावाट सौर ऊर्जा
राजस्थान में 10560 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जा चुकी है। इस तरह से 10 गीगावाट सौर ऊर्जा विकसित करने वाला राजस्थान देश का पहला प्रदेश बन चुका है। नए पार्कों की स्थापना के साथ ही राज्य में अक्षय ऊर्जा आधारित आधारभूत ढांचा विकसित होने के साथ ही निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। इसके साथ ही प्रदेश में सस्ती और ग्रीन एनर्जी का उत्पादन बढ़ सकेगा।
Published on:
01 Mar 2022 05:09 pm
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