
हिरणमगरी सेक्टर 5 स्थित 120 फीट रोड पर वर्षों से कब्जा कर बैठे बंजारों की 62 परिवारों की अवैध कच्ची बस्ती को शनिवार अलसुबह यूआईटी ने ध्वस्त कर दी। उससे पूर्व शुक्रवार को ही सभी परिवारों को बीलिया स्थित घरौंदों में विस्थापित कर दिया गया था।
यह बस्ती पिछले 25 सालों से अवैध रूप से कब्जा कर जमी हुई थी जिसे हटाने के जिला कलक्टर व यूआईटी अध्यक्ष रोहित गुप्ता ने पिछले दिनों निर्देश दिए थे। यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता के निर्देशन में तहसीलदार गोवर्धनसिंह झाला ने 10 दिन पहले बस्ती में जाकर मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया और सभी परिवारों की सूची ली। तहसीलदार ने सूची का अपने स्तर पर सत्यापन किया। इस पर तहसील न्यायालय ने सभी परिवारों को बेदखल करने का निर्णय किया। इस पर बस्तीवासियों ने यूआईटी को आवेदन देकर विस्थापित करने की मांग उठाई। इन परिवारों का सर्वे करा कर बीलिया स्थित मकानों में विस्थापित करने की प्रकिया चलाई और शुक्रवार सुबह सभी परिवारों को सामान खाली करा कर सरकारी वाहनों से इनके बीलिया स्थित घरौंदों पर रखवाए। तहसीलदार ने जेसीबी से सारे कच्चे मकानों को तोड़ा व
120 फीट रोड का संपूर्ण मार्गाधिकार खुलवाया। इस कार्रवाई से पूरे हिरणमगरी की जनता ने प्रसन्नता व्यक्त की।
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