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मंत्री-विधायकों की आपत्तियों के बावजूद नए डीजीपी बनें उमेश मिश्रा, साहू-दक को पीछे छोड़ा

-देर रात कार्मिक विभाग ने जारी किए आदेश, 3 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं मौजूदा डीजीपी एम एल लाठर, हाल ही में नए डीजीपी को लेकर दिल्ली में हुई थी डीओपीटी की बैठक, गहलोत सरकार पर आए सियासी संकट को निपटाने में अहम भूमिका निभाई थी उमेश मिश्रा ने, नौकरशाही के टॉप पदों पर अब सामान्य वर्ग को कमान

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जयपुर। प्रदेश में 2 साल पहले गहलोत सरकार पर आए सियासी संकट के दौरान सरकार को संकट से उबारने वाले डीजीपी इंटेलिजेंस उमेश मिश्रा अब राज्य के नए पुलिस महानिदेशक होंगे । कार्मिक विभाग ने इस संबंध में देर रात आदेश जारी कर दिए हैं। दिलचस्प बात तो यह है कि इस मामले में उमेश मिश्रा ने वरिष्ठ आईपीएस यू आर साहू और भूपेंद्र तक को पीछे छोड़ा है।

यू आर साहू जहां 1988 बैच के आईपीएस अफसर हैं तो वहीं भूपेंद्र दक और उमेश मिश्रा 1989 बैच के आईपीएस अफसर हैं। हालांकि उमेश मिश्रा और दक के बीच ही कड़ा मुकाबला माना जा रहा था, लेकिन मुख्यमंत्री की पसंद के चलते उमेश मिश्रा बाजी मार गए।

मंत्री-विधायकों का विरोध भी दरकिनार
वहीं हैरत की बात तो यह है कि इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक प्रदेश में आधा दर्जन से ज्यादा सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड भी था। इन सांप्रदायिक घटनाओं में इंटेलिजेंस फेलियर को एक प्रमुख वजह बताया गया था।

सत्तारूढ़ कांग्रेस के कई मंत्रियों और विधायकों ने भी इंटेलिजेंस फेलियर और डीजीपी इंटेलिजेंस उमेश मिश्रा की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री से शिकायत की थी और कहा था कि अगर इंटेलिजेंस सही तौर पर काम करता तो ऐसी घटनाएं नहीं हो पाती, लेकिन बावजूद इसके सीएम गहलोत ने अपने मंत्री-विधायकों की आपत्तियों को दरकिनार करके अपने पसंदीदा आईपीएस उमेश मिश्रा को डीजीपी कमान सौंप दी।

डीजीपी के लिए डीओपीटी भेजे थे 12 नाम
वहीं राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के नए डीजीपी को लेकर 12 नाम डीओपीटी को भेजे गए थे जिनमें युआर साहू, भूपेंद्र दक, उमेश मिश्रा, नीना सिंह, राजीव शर्मा, जंगा श्रीनिवासन, रवि प्रकाश मेहरड़ा, डीसी जैन, ए पन्नू चामी, सौरभ श्रीवास्तव, राजेश निर्वाण और हेमंत प्रियदर्शी शामिल थे।

14 अक्टूबर को हुई थी दिल्ली में डीओपीटी की बैठक
इससे पहले सरकार की ओर से भेजे गए 12 नामों पर चर्चा के लिए 14 अक्टूबर को दिल्ली में डीओपीटी की बैठक हुई थी जिसमें मुख्य सचिव उषा शर्मा और मौजूदा डीजीपी एम एल लाठर भी शामिल हुए थे। बैठक में यू आर साहू, भूपेंद्र दक और उमेश मिश्रा के तीन नामों का पैनल बनाकर सरकार को भेज दिया था, जिसके बाद सीएम गहलोत नए डीजीपी के लिए उमेश मिश्रा के नाम पर मुहर लगा दी, उसके बाद कार्मिक विभाग में देर रात आदेश जारी कर दिए हैं।

नौकरशाही के टॉप पदों पर अब सामान्य वर्ग को कमान
इधर नौकरशाही के टॉप पदों पर अब सामान्य वर्ग को कमान दी गई है। वरिष्ठ आईएएस उषा शर्मा जहां राज्य की मुख्य सचिव हैं तो अब उमेश मिश्रा भी राज्य के पुलिस महानिदेशक होंगे। नौकरशाही गलियारों से लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस के गलियारों में चर्चा इस बात की है कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सामान्य वर्ग के मतदाताओं को साधने के लिए टॉप पदों पर सामान्य वर्ग से आने वाले वरिष्ठ नौकरशाहों को मौका दिया गया है।

वीडियो देखेंः- राजस्थान : नौकरशाही में बड़ा फेरबदल, 46 आइएएस, 37 आइपीएस,9 आइएफएस के तबादले