
Unemployment : आदिवासी अंचल में बेरोजगार 1.32 लाख पंजीकृत, लाभ मिला सिर्फ 31 हजार को
भारत में कोरोना के बावजूद बेरोजगारी दर में गिरावट आई। सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से जारी पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020-21 में देश में बेरोजगारी दर घटकर 4.2% पर आ गई, जो 2019-20 में 4.8% थी। इस बीच मैनपावर ग्रुप इंप्लॉयमेंट आउटलुक सर्वे में दावा किया गया है कि भारतीय कंपनियां जुलाई से सितंबर के बीच जबरदस्त हायरिंग करने की तैयारी में हैं।
देश में जुलाई-सितंबर तिमाही में पिछले 8 वर्षों की तुलना में सबसे ज्यादा रोजगार मिलने की उम्मीद है। सर्वे के अनुसार, सितंबर तिमाही में शुद्ध रोजगार परिदृश्य 51% रह सकता है, जो 2014 के बाद सबसे ज्यादा है। सर्वे के मुताबिक, आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से सितंबर तिमाही में 63% कंपनियों को अतिरिक्त मैनपावर की जरूरत होगी, जिससे कंपनियां तेजी से भर्ती करेंगी। हालांकि, इस दौरान 12% कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी कर सकती हैं।
देश के जॉब सेंटिमेंट में आया सुधार
बढ़ती महंगाई और वैश्विक स्तर पर बढ़ रही अस्थिरता के बाद भी देश के कई सेक्टर में रिकवरी प्रक्रिया में तेजी आ रही है। मैनपावर ग्रुप के सर्वे में 3,000 कंपनियां शामिल थीं। रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर तिमाही में भर्ती सेंटिमेंट में पिछले साल के मुकाबले 46% सुधार देखा गया।
देश जिनमें जॉब्स बढ़ने की उम्मीद
भारत 51%
सिंगापुर 40%
ऑस्ट्रेलिया 38%
हॉन्गकॉन्ग 11%
जापान 04%
ताइवान 03%
इनमें नौकरियां बढ़ने की उम्मीद
आइटी-टेक 72%
बैंकिंग-फाइनेंस 60%
बीमा व रियल एस्टेट 60%
अन्य सेवाएं 52%
रेस्तरां-होटल 48%
मैन्युफैक्चरिंग 48%
आइटी में सबसे अधिक नौकरियां
डिजिटाइटेशन, ऑटोमेशन और टेक प्रोपेशनल्स की डिमांड बढ़ रही हैं। इस वजह से सबसे ज्यादा मांग डिजिटल में आनेवाली है। आइटी और टेक में सबसे अच्छा जॉब सेंटिमेंट है।
13% अधिक नौकरियों की संभावना सिंतबर तिमाही में जून तिमाही के मुकाबले
नौकरी परिदृश्य
25% कोई बदलाव नहीं
Published on:
17 Jun 2022 02:06 am

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