इफको की ओर से गंगापुरसिटी में शनिवार को आयोजित किसान सहकार सम्मेलन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लाल डायरी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा।
जयपुर. गंगापुरसिटी। इफको की ओर से गंगापुरसिटी में शनिवार को आयोजित किसान सहकार सम्मेलन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लाल डायरी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डायरी का रंग लाल है, लेकिन उसके अंदर काले चिट्टे छिपे हैं। अरबों-करोड़ों का भ्रष्टाचार का कच्चा चिठ्ठा लाल डायरी के अंदर है। मैं अशोक गहलोत को कहने आया हूं कि जरा भी शर्म बची है तो लाल डायरी मुद्दे पर इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में आएं... और फिर हो जाए दो-दो हाथ। शाह यहीं नहीं रुके, उन्होंने गहलोत पर कटाक्ष करते हुए लोगों से भी अपील कर दी- यदि आपके घर में कोई डायरी हो तो उसका रंग लाल मत रखना, वरना गहलोत नाराज हो जाएंगे। आजकल गहलोत लाल डायरी से बहुत डर रहे हैं।
आरोपः नारे लगाने वालों को गहलोत ने भेजा
शाह का संबोधन शुरू करते ही कुछ लोगों ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और झण्डे लहरा दिए। इस पर शाह ने कहा- सीएम गहलोत ने इन्हें भेजा है। मैं पॉलिटिक्स नहीं करना चाहता था, लेकिन मुझे मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, इफको चेयरमैन दिलीप छंगाणी आदि मौजूद रहे।
सहकारिता आंदोलन से किसान आर्थिक रूप से मजबूतः बिरला
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सहकारिता आंदोलन के माध्यम से देश का किसान, मजदूर, महिलाएं व नौजवान सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है। एक छत की नीचे सभी सुविधाएं दी जा रही है। देश में गुजरात ऐसा अकेला राज्य है, जहां पर शून्य ब्याज दर पर बिना लिमिट ऋण दिया जा रहा है। ऐसा राज लाओ, जिससे राजस्थान के किसान भी सामाजिक व आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। सहकारिता आंदोलन के लिए उन्होंने पीएम तथा सहकारिता मंत्री को धन्यवाद भी दिया, जिनकी वजह से गांव का किसान समृद्ध हो रहा है। बिरला ने बताया कि सहकारी आंदोलन का लक्ष्य न केवल किसानों का विकास है, बल्कि बड़े पैमाने पर समाज का विकास भी है। उन्होंने कहा कि सहकारी आंदोलन पीएम मोदी के आत्मनिर्भर' भारत का सच्चा रूप है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नहीं कर पाए मुलाकात
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी भी तड़के गंगापुरसिटी पहुंचे, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वे गृह मंत्री शाह से मुलाकात नहीं कर पाए। वे एक होटल में ही आराम करते रहे। शाम को सवाईमाधोपुर रवाना हो गए।